नई दिल्ली, 11 फरवरी 2026: लोकसभा में आज बजट सत्र के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने भारत-अमेरिका इंटरिम ट्रेड डील को “राष्ट्रीय हितों की बिक्री” बताते हुए कहा कि सरकार ट्रंप प्रशासन से “नौकरों की तरह” बात कर रही है। राहुल ने सदन में तीन साफ-साफ संदेश दिए जो पूरे विपक्ष के लिए नया नारा बन गए।
राहुल गांधी के तीन बड़े संदेश
- “ट्रंप से बराबर की बात करो, नौकरों जैसा नहीं”
राहुल ने कहा, “प्रधानमंत्री जी, आप अमेरिका जाते हैं तो ट्रंप से हाथ मिलाते हैं, लेकिन भारत की बात रखते हैं तो सिर झुकाते हैं। ट्रंप कहते हैं ‘America First’, आप कहते हैं ‘India First’ – फिर क्यों डील में हमेशा अमेरिका को फायदा और भारत को नुकसान?” उन्होंने दावा किया कि डील के अंतिम ड्राफ्ट में भारत ने डेटा लोकलाइजेशन, डिजिटल सर्विसेज टैक्स और जनरिक दवाओं पर अपने अधिकार छोड़ दिए हैं। - “किसान, डेटा और ऊर्जा सुरक्षा बेच दी गई”
राहुल ने पेपरवर्क दिखाते हुए कहा कि व्हाइट हाउस ने कल ही अपना फैक्ट शीट बदला – पल्सेस (दालें) को डील से हटा दिया गया और 500 बिलियन डॉलर की खरीदारी को “intends to purchase” बना दिया गया। “ये कोई डील नहीं, आत्मसमर्पण है। किसानों की दालें, हमारी डेटा कंपनियों का भविष्य और सोलर-विंड एनर्जी का कंट्रोल सब अमेरिका को सौंप दिया गया।” - “मोदी सरकार की विदेश नीति अब ट्रंप की छाया है”
राहुल ने याद दिलाया कि पिछले साल ट्रंप ने खुद फॉक्स बिजनेस को बताया था कि उन्होंने “टैरिफ की धमकी” देकर भारत-पाकिस्तान युद्ध रोका था। “अब वही ट्रंप हमसे ट्रेड डील में झुकने को कह रहा है। क्या हमारी सरकार इतनी कमजोर हो गई है कि अमेरिका के इशारे पर डांस करे?”
सदन में माहौल गरम, स्पीकर ने दो बार घंटी बजाई
राहुल के भाषण के दौरान भाजपा बेंच से लगातार नारे लगे – “झूठ बोल रहे हो”, “कांग्रेस की पुरानी आदत”। स्पीकर ओम बिरला को दो बार घंटी बजानी पड़ी। जब राहुल ने कहा “ट्रंप ने आपको नौकर बना दिया”, तब भाजपा सांसदों ने “अपमानजनक” कहकर वॉकआउट की धमकी दी।
सरकार का जवाब
विदेश राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जवाब में कहा, “राहुल गांधी को डील पढ़नी चाहिए। ये इंटरिम ट्रेड एग्रीमेंट है, फाइनल नहीं। भारत ने किसी भी राष्ट्रीय हित का समझौता नहीं किया। अमेरिका ने हमारी 18 मांगें मानी हैं, हमने सिर्फ 6।”
कांग्रेस का पूरा प्लान
कांग्रेस ने आज तीन मोर्चे खोले:
- लोकसभा में राहुल का भाषण
- सोशल मीडिया पर #TrumpKiNaukarMatBano ट्रेंड
- कल राज्यसभा में भी इसी मुद्दे पर चर्चा की मांग
प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया – “राहुल ने सच्चाई बोली। मोदी सरकार ट्रंप के सामने घुटने टेक रही है।”
क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स?
- ट्रेड पॉलिसी एक्सपर्ट अजय श्रीवास्तव: “डील में पल्सेस को हटाना भारत के लिए राहत है, लेकिन डेटा लोकलाइजेशन पर छूट देना चिंता का विषय है।”
- पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल: “राहुल का ‘बराबर की बात’ वाला पॉइंट सही है। ट्रंप का स्टाइल हमेशा ‘my way or highway’ रहा है।”
अगला कदम क्या?
विपक्ष कल भी इस मुद्दे पर हंगामा जारी रखने वाला है। अगर सरकार जवाब नहीं देती तो राहुल गांधी अनशन या सदन के बाहर धरने की भी बात कर रहे हैं।
ये डील 20 फरवरी को अंतिम रूप लेने वाली है। क्या मोदी सरकार ट्रंप के सामने अपना रुख सख्त करेगी या राहुल गांधी की बात मान लेगी?
सदन और देश दोनों नजरें टिकाए हुए हैं।


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