3 अगस्त, 2025 (रविवार) – कुलगाम, जम्मू-कश्मीर
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के घने अखल वन क्षेत्र में चल रहे प्रमुख सैन्य अभियान “ऑपरेशन अखल” ने आज अपना तीसरा दिन देखा और इस दौरान महत्वपूर्ण सफलता मिली। रविवार, 2 अगस्त को हुई भीषण मुठभेड़ में तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया तथा एक सुरक्षा जवान घायल हुआ। इसके साथ ही, इस ऑपरेशन में अब तक मारे गए आतंकवादियों की कुल संख्या के बारे में चर्चा तेज हो गई है।
ऑपरेशन अखल: पृष्ठभूमि और शुरुआत
- यह अभियान 1 अगस्त, 2025 (शुक्रवार) को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के अखल के घने जंगलों में शुरू किया गया था।
- इसकी शुरुआत खुफिया सूचनाओं के आधार पर हुई, जिसमें इस इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की पुष्टि हुई थी।
- अभियान में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) और अर्धसैनिक बलों की विशिष्ट इकाइयों की संयुक्त टीम शामिल है।
- इस ऑपरेशन का संचालन क्षेत्र में बढ़ती आतंकी गतिविधियों, विशेष रूप से 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में 26 नागरिकों की निर्मम हत्या के बाद बढ़े खतरे के मद्देनजर किया जा रहा है।
2 और 3 अगस्त की प्रमुख घटनाएँ
- 2 अगस्त, 2025 (शनिवार – दूसरा दिन): इस दिन मुठभेड़ में तीन आतंकवादी ढेर होने की सूचना मिली। रात भर गोलीबारी और मुठभेड़ जारी रही। भारतीय सेना की चिनार कोर ने इन घटनाओं की पुष्टि की। साथ ही एक जवान घायल हुआ। इस वर्ष के सबसे बड़े आतंकविरोधी अभियानों में से एक के रूप में चिह्नित इस ऑपरेशन का दायरा स्पष्ट हो गया है।
ऑपरेशन की रणनीति और संदर्भ
- इस अभियान में हाई-टेक सर्विलांस सिस्टम और पैरा स्पेशल फोर्सेज जैसी विशिष्ट इकाइयों का उपयोग किया जा रहा है।
- ऑपरेशन पर पुलिस महानिदेशक (DGP) और 15 कोर कमांडर जैसे वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी नजर है।
- इसमें शामिल आतंकवादी द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) से जुड़े बताए जा रहे हैं, जो प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का ही एक उग्रवादी घटक है। TRF ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली थी।
- यह ऑपरेशन आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिसमें ड्रग तस्करी और ‘ओवरग्राउंड वर्कर्स’ (ओजीडब्ल्यू) का भी मुकाबला शामिल है।
हाल के अन्य संबंधित ऑपरेशन
ऑपरेशन अखल जम्मू-कश्मीर में चल रही सुरक्षा बलों की सतत कार्रवाइयों की कड़ी में शामिल है:
- ऑपरेशन महादेव: श्रीनगर के दाचीगाम क्षेत्र के निकट चलाया गया। इसमें पहलगाम नरसंहार के जिम्मेदार आतंकवादी, जिसमें मास्टरमाइंड सुलेमान भी शामिल था, ढेर किए गए।
- ऑपरेशन शिवशक्ति: 29 जुलाई, 2025 को अंजाम दिया गया, जिसमें दो आतंकी मारे गए।
- व्यापक प्रभाव: 22 अप्रैल के बाद से लगभग 20 उच्चस्तरीय आतंकवादी जम्मू-कश्मीर में ढेर किए जा चुके हैं। इसके अलावा, 6-7 मई, 2025 को पाकिस्तान में चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में वहाँ 100 से अधिक आतंकी मारे गए थे।
वर्तमान स्थिति और भविष्य के प्रभाव
- 3 अगस्त, 2025 को दोपहर 04:02 बजे IST तक, ऑपरेशन अभी भी जारी था। क्षेत्र से आंतरायिक विस्फोटों और गोलीबारी की सूचना मिल रही है।
- उन्नत तकनीक और विशिष्ट बलों की भागीदारी से पता चलता है कि बाकी बचे आतंकवादियों को पकड़ने के लिए यह अभियान जारी रह सकता है।
- इस ऑपरेशन की सफलता का क्षेत्रीय सुरक्षा, विशेषकर TRF और LeT की गतिविधियों पर नियंत्रण करने, पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। यह जम्मू-कश्मीर में भविष्य की आतंकविरोधी रणनीतियों को भी प्रभावित कर सकता है।
निष्कर्ष
ऑपरेशन अखल, जिसने 3 अगस्त, 2025 को अपना तीसरा दिन देखा, कुलगाम के जंगलों में जारी है। इस दिन तीन आतंकवादियों के मारे जाने और एक जवान के घायल होने की सूचना मिली है। अब तक कुल छह आतंकी ढेर होने की प्रबल संभावना है। यह अभियान क्षेत्र की सतत सुरक्षा चुनौतियों और सुरक्षा बलों द्वारा स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे समन्वित प्रयासों की ओर इशारा करता है। आंकड़ों में मामूली विसंगति रियल-टाइम सैन्य अभियानों की जटिल प्रकृति को दर्शाती है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के आधार पर छह का आंकड़ा अधिक विश्वसनीय प्रतीत होता है। सुरक्षा बलों के जवानों की साहसिक कार्रवाई को सलाम।


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