कानपुर, 12 फरवरी 2026
उत्तर प्रदेश के कानपुर में करोड़ों की लेम्बोर्गिनी रिवोल्टो (Lamborghini Revuelto) से हुए भीषण हादसे का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। हादसे के बाद ड्राइवर मोहन ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया और ‘कबूलनामा’ देते हुए दावा किया कि वो ही कार चला रहा था, शिवम मिश्रा को सीजियर (दौरे) पड़ गया था। लेकिन पुलिस ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया और कहा कि CCTV फुटेज, चश्मदीदों के बयान और अन्य सबूतों से साफ है कि कार शिवम मिश्रा ही चला रहे थे। पुलिस ने आज शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है और कोर्ट में पेश किया गया है।
हादसे का पूरा बैकग्राउंड
- हादसा रविवार (8 फरवरी 2026) दोपहर करीब 3:15 बजे ग्वालटोली इलाके के VIP रोड पर हुआ।
- दिल्ली नंबर (DL 11 CF 4018) वाली काली लेम्बोर्गिनी रिवोल्टो (कीमत 10-12 करोड़ रुपये) ने तेज रफ्तार से ऑटोरिक्शा, बाइक और पैदल यात्रियों को टक्कर मारी।
- 6 लोग घायल हुए, एक बुलेट सवार युवक हवा में 10 फीट उछलकर गिरा।
- कार इलेक्ट्रिक पोल से टकराकर रुकी।
ड्राइवर मोहन का ‘कबूलनामा’ और सरेंडर
- आरोपी शिवम मिश्रा (तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे) के पिता और वकील ने शुरू में दावा किया कि शिवम कार नहीं चला रहे थे, बल्कि ड्राइवर मोहन चला रहा था।
- मोहन ने कोर्ट में सरेंडर अर्जी दी और कहा: “मैं गाड़ी चला रहा था, शिवम को अचानक दौरे पड़ गए, जिससे कंट्रोल खो गया।”
- घायल शिकायतकर्ता (मोहम्मद तौसीफ) ने भी कोर्ट में समझौते की अर्जी दी और कहा कि कार मोहन ही चला रहा था। दोनों तरफ से हलफनामे दाखिल किए गए।
पुलिस का पलटवार और गिरफ्तारी
- कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने स्पष्ट कहा: “हमारी जांच, CCTV फुटेज, चश्मदीद गवाहों के बयान और अन्य सबूतों से साबित हो चुका है कि शिवम मिश्रा ही ड्राइवर थे। कार में कोई दूसरा व्यक्ति नहीं था।”
- पुलिस ने 5 बड़े सबूत बताए:
- CCTV में शिवम ड्राइविंग सीट पर दिखे।
- हादसे के तुरंत बाद बाउंसर्स ने शिवम को ड्राइवर सीट से उठाकर ले गए (वीडियो वायरल)।
- कार में सिर्फ शिवम अकेले थे, कोई ड्राइवर नहीं।
- चश्मदीदों ने शिवम को ही कार चलाते देखा।
- मोहन का दावा झूठा साबित हुआ।
- पुलिस ने शिवम को गिरफ्तार कर लिया। आज कोर्ट में पेश किया गया, जहां रिमांड या जमानत पर फैसला होगा।
विवाद और VIP संस्कृति पर सवाल
- शुरुआत में FIR “अज्ञात व्यक्ति” के खिलाफ दर्ज हुई, लेकिन बाद में शिवम का नाम जोड़ा गया।
- हादसे के बाद पुलिस की नरमी और कोई मेडिकल/एल्कोहल टेस्ट न होने पर VIP संस्कृति पर सवाल उठे।
- सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने से जनता में आक्रोश।
ये मामला अब कानूनी प्रक्रिया में है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी हो चुकी है और सबूत शिवम के खिलाफ हैं।


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