नई दिल्ली: पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान 6-7 जनवरी 2026 की रात बड़ा बवाल हुआ। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर MCD की टीम ने आधी रात को बुलडोजर चलाए, जिसके विरोध में स्थानीय लोगों ने पथराव किया। इस घटना में 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए। दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है और पुलिसकर्मियों के बॉडी वॉर्न कैमरों तथा आसपास के CCTV फुटेज की मदद से पत्थरबाजों की पहचान कर रही है। अब तक करीब 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
घटना कैसे हुई?
- कार्रवाई की शुरुआत: 6 जनवरी की रात करीब 1:30 बजे MCD की टीम भारी पुलिस बल के साथ पहुंची। 17-32 बुलडोजरों की मदद से मस्जिद से सटे बारात घर, डिस्पेंसरी (दवाखाना), लाइब्रेरी और कुछ दुकानों जैसे अवैध निर्माणों को ढहाया गया।
- विरोध और हिंसा: जैसे ही बुलडोजर चले, स्थानीय लोग जमा हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
- पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग किया। पथराव में 5 पुलिसकर्मी मामूली घायल हुए, जिनमें चांदनी महल थाने के SHO भी शामिल हैं।
- जॉइंट सीपी मधुर वर्मा ने कहा: “कुछ बदमाशों ने पथराव कर गड़बड़ी पैदा करने की कोशिश की। न्यूनतम बल प्रयोग से स्थिति काबू में कर ली गई।”
पुलिस की कार्रवाई और पहचान
- दिल्ली पुलिस ने पथराव के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है (दंगा, सरकारी काम में बाधा और हमले की धाराओं में)।
- बॉडी वॉर्न कैमरों और CCTV फुटेज से पत्थरबाजों की पहचान की जा रही है। DCP निधिन वलसन ने कहा: “CCTV, ग्राउंड फुटेज और बॉडी कैमरा फुटेज से बदमाशों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
- करीब 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से भी पहचान की जा रही है।
- इलाके में भारी पुलिस और RAF तैनात, कर्फ्यू जैसा माहौल। दुकानें बंद, सड़कें सूनी।
पृष्ठभूमि: क्यों चली कार्रवाई?
- दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर यह एक्शन लिया गया। आरोप है कि मस्जिद और कब्रिस्तान से सटे करीब 7,343 वर्ग फुट सरकारी जमीन पर अतिक्रमण था।
- MCD ने दिसंबर 2025 में नोटिस जारी किया था कि 0.195 एकड़ से ज्यादा की संरचनाएं अवैध हैं। वक्फ बोर्ड या मस्जिद कमेटी के पास वैध दस्तावेज नहीं मिले।
- मस्जिद कमेटी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, लेकिन कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए कार्रवाई की अनुमति दी।
- अधिकारियों ने स्पष्ट किया: मस्जिद और कब्रिस्तान सुरक्षित हैं, केवल अवैध हिस्से हटाए गए।
वर्तमान स्थिति (7 जनवरी 2026 तक)
- इलाका छावनी में तब्दील, ड्रोन से निगरानी।
- ट्रैफिक एडवाइजरी: जेएलएन मार्ग, अजमेरी गेट, मिंटो रोड, दिल्ली गेट आदि पर जाम की संभावना।
- पुलिस ने शांति की अपील की और अफवाहों पर एक्शन की चेतावनी दी।
- कुछ रिपोर्ट्स में पुरानी दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी उमर का मस्जिद से कनेक्शन का जिक्र, लेकिन वर्तमान घटना से सीधा संबंध नहीं।
यह कार्रवाई अवैध अतिक्रमण के खिलाफ है, लेकिन धार्मिक स्थल से जुड़े होने से संवेदनशील बनी हुई है। पुलिस जांच जारी है, और आगे गिरफ्तारियां हो सकती हैं। स्थिति पर नजर बनी हुई है।


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