वाशिंगटन/काराकास: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार पर कब्जे की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के मात्र कुछ दिनों बाद ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी तेल कंपनियों के साथ इस हफ्ते बड़ी बैठकें तय की हैं, जिसमें वेनेजुएला के तेल उत्पादन को बढ़ाने और अमेरिकी कंपनियों को वहां निवेश के लिए प्रोत्साहित करने पर चर्चा होगी। ट्रंप ने खुद ऐलान किया है कि वेनेजुएला की अंतरिम सरकार अमेरिका को 30-50 मिलियन बैरल उच्च गुणवत्ता वाला तेल बाजार मूल्य पर सौंपेगी। यह ‘ऑयल गेम’ वैश्विक तेल बाजार, अमेरिकी अर्थव्यवस्था और जलवायु नीति पर गहरा असर डालेगा।
ट्रंप का ‘ऑयल प्लान’ क्या है?
- ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा: वेनेजुएला की अंतरिम सरकार 30-50 मिलियन बैरल तेल (मूल्य करीब 2.8 बिलियन डॉलर) अमेरिका को देगी। यह तेल स्टोरेज जहाजों से सीधे अमेरिकी बंदरगाहों पर आएगा।
- अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेजुएला के खराब इंफ्रास्ट्रक्चर को ठीक करने के लिए अरबों डॉलर निवेश करेंगी। ट्रंप ने कहा: “हमारी बड़ी अमेरिकी कंपनियां अंदर जाएंगी, बिलियंस खर्च करेंगी और देश के लिए पैसा कमाएंगी।”
- ट्रंप का दावा: इससे तेल कीमतें और कम होंगी, अमेरिकी रिफाइनरियों को फायदा होगा (वेनेजुएला का हैवी क्रूड अमेरिकी रिफाइनरियों के लिए आदर्श)।
- अमेरिका टैक्सपेयर्स के पैसे से कंपनियों को रीइंबर्स कर सकता है या रेवेन्यू से।
इसी हफ्ते बड़ी बैठकें
- ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट मियामी में गोल्डमैन सैक्स एनर्जी कॉन्फ्रेंस में बुधवार (8 जनवरी) को एक्सॉनमोबिल, शेवरॉन, कोनोकोफिलिप्स के एक्जीक्यूटिव्स से मिलेंगे।
- ट्रंप खुद व्हाइट हाउस में शुक्रवार (10 जनवरी) को इन कंपनियों के CEOs से बैठक करेंगे। इनर सेक्रेटरी डग बर्गम भी शामिल होंगे।
- बैठक का फोकस: वेनेजुएला में उत्पादन बढ़ाना (वर्तमान 1 मिलियन बैरल/दिन से 1.5-3 मिलियन तक), सिक्योरिटी गारंटी, कानूनी फ्रेमवर्क और निवेश।
- ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने मादुरो गिरफ्तारी से पहले और बाद में सभी कंपनियों से बात की, लेकिन कंपनियों ने इनकार किया – अभी तक कोई औपचारिक बात नहीं हुई।
वेनेजुएला तेल का महत्व
- वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडार (303 बिलियन बैरल)।
- मादुरो शासन में उत्पादन गिरकर 1 मिलियन बैरल/दिन हो गया (1999 में 3.5 मिलियन था)।
- पुनरुद्धार के लिए 100 बिलियन डॉलर+ निवेश और सालाना 8-10 बिलियन की जरूरत। विशेषज्ञ कहते हैं: 3-10 साल लगेंगे।
- अमेरिकी कंपनियां सतर्क: राजनीतिक अस्थिरता, पुरानी नेशनलाइजेशन की याद (2007 में संपत्ति जब्त)। कंपनियां सिक्योरिटी और स्थिर सरकार चाहती हैं।
वैश्विक प्रभाव
- तेल कीमतें कम होंगी, अमेरिकी ऊर्जा सुरक्षा मजबूत।
- जलवायु विशेषज्ञ चिंतित: उत्पादन बढ़ने से कार्बन उत्सर्जन में 550 मिलियन टन/साल की बढ़ोतरी।
- अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: लैटिन अमेरिकी देशों ने मादुरो गिरफ्तारी की निंदा की। चीन की बैंकिंग सिस्टम अलर्ट (वेनेजुएला पर कर्ज)।
- तेल कंपनियां उत्साहित लेकिन सावधान – शेयरों में उछाल (शेवरॉन +5%)।
ट्रंप का यह ‘ड्रिल बेबी ड्रिल’ प्लान वेनेजुएला को अमेरिकी प्रभाव में लाने का हिस्सा है। बैठकें सफल हुईं तो वैश्विक तेल बाजार में बड़ा बदलाव आएगा, लेकिन राजनीतिक जोखिम और निवेश की चुनौतियां बरकरार हैं। स्थिति पर नजर बनी हुई है – क्या अमेरिकी कंपनियां ट्रंप के प्लान में शामिल होंगी?


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