पटना, 6 जनवरी 2026: बिहार की राजधानी पटना में अपराधियों के हौसले बुलंदियों पर हैं। सोमवार (5 जनवरी 2026) शाम करीब 6 बजे पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के विद्यापुरी पार्क (पी-सेक्टर) के पास एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। बाइक सवार दो अज्ञात अपराधियों ने अमन शुक्ला (उम्र 38-40 वर्ष) पर ताबड़तोड़ 10 से ज्यादा गोलियां बरसाईं, जिसमें सिर, छाती और पेट में गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह कि अमन अपनी पत्नी और 8-9 वर्षीय मासूम बेटे के साथ पल्सर बाइक पर थे, और वारदात उनके सामने ही हुई।
वारदात की पूरी डिटेल
- अमन शुक्ला अपने बेटे की थेरेपी (ऑटिज्म से संबंधित) कराकर पार्क से घर लौट रहे थे।
- शाम करीब 5:45 बजे वे पार्क से निकले, तभी बाइक सवार दो बदमाशों ने उनकी बाइक को ओवरटेक किया।
- अपराधियों ने करीब से सिर, छाती और पेट पर गोलियां मारीं।
- घटनास्थल से पुलिस ने तीन खोखे बरामद किए हैं।
- घायल अमन को स्थानीय लोगों की मदद से नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
- पत्नी और बेटे ने पूरी वारदात अपनी आंखों के सामने देखी, जिससे पत्नी का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है।
अमन शुक्ला का शातिर अपराधिक इतिहास
अमन शुक्ला कोई साधारण अपराधी नहीं था। वह 2020 में बेऊर थाना क्षेत्र (हरनीचक मोड़) स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में हुई 52.33 लाख रुपये की दिनदहाड़े लूटकांड का मास्टरमाइंड था:
- 22 जून 2020 को अपराधियों ने बैंक स्टाफ और ग्राहकों को बंधक बनाकर लूट की थी।
- पुलिस ने अमन को मुख्य सरगना मानकर गिरफ्तार किया। उसके साथियों में हरिनारायण (कराटे ट्रेनर), सोनेलाल, गणेश और प्रफुल्ल शामिल थे।
- गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने करीब 33 लाख रुपये और गहने बरामद किए, लेकिन 12 लाख रुपये का पता नहीं चला।
- अमन करीब 5 साल जेल में रहा और मई 2025 में बाहर आया।
- जेल से छूटने के बाद वह पटना में सिक्योरिटी गार्ड और बाउंसर सप्लाई करने वाली कंपनी चला रहा था।
- अपराध की दुनिया में आने से पहले अमन अंग्रेजी शिक्षक था और पटना के कई कोचिंग संस्थानों में “अमन सर” के नाम से जाना जाता था। शिक्षक की आड़ में उसने अपना गैंग खड़ा किया था।
- वह तकनीक से दूर रहता था – न मोबाइल इस्तेमाल करता था, न सोशल मीडिया पर प्रोफाइल थी।
हत्या की संभावित वजहें
पुलिस हत्या को पुरानी रंजिश, गैंगवार या 2020 की लूट की बाकी रकम (12 लाख) के बंटवारे में विवाद से जोड़कर देख रही है:
- जेल से बाहर आने के बाद अमन फिर पुराने क्रिमिनल सर्किल से जुड़ गया था।
- अपराधियों ने रेकी कर परिवार के सामने हमला किया, जो सुपारी किलिंग की ओर इशारा करता है।
- कुछ सूत्रों के अनुसार, लूट की रकम बंटवारे को लेकर पुराने साथियों से विवाद था।
पुलिस की जांच और कार्रवाई
- सिटी एसपी (पूर्वी) परिचय कुमार और एएसपी सदर की निगरानी में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया।
- SIT में पत्रकार नगर, कंकड़बाग और चित्रगुप्त नगर थानों की टीमों के साथ DIU (डिजिटल इंटेलिजेंस यूनिट) शामिल।
- चार टीमें गठित: दो तकनीकी जांच (डंप डेटा, कॉल डिटेल) और दो छापेमारी के लिए।
- घटनास्थल और आसपास के 80 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले जा चुके हैं – शूटरों की तस्वीर और बाइक का नंबर कैद हुआ है।
- पांच थानों की पुलिस मौके पर पहुंची थी। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी।
इलाके में दहशत और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
कंकड़बाग और पत्रकार नगर इलाके में दहशत का माहौल है। विपक्षी दलों ने इसे “जंगलराज 2.0” करार देते हुए नीतीश सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। यह घटना पटना में बढ़ते अपराधों की चिंता बढ़ा रही है, जहां सरेआम हत्याएं आम होती जा रही हैं।
पुलिस जल्द अपराधियों की गिरफ्तारी का दावा कर रही है, लेकिन यह वारदात बिहार में क्राइम कंट्रोल की पोल खोल रही है।


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