पाकिस्तान ने अपने “दोस्त” अजरबैजान को सुतली बम थमा दिया – यानी इतना घटिया और आउटडेटेड गोला-बारूद बेचा कि लॉन्च करते ही फुस्स! यह खुलासा फरवरी 2026 में एक रिपोर्ट से सामने आया, जिसने प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की जोड़ी पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने अजरबैजान को ऐसा हथियार सिस्टम एक्सपोर्ट किया जो रेंज, घातकता और क्वालिटी में फिसड्डी साबित हुआ। अब सऊदी अरब भी सतर्क हो गया है, और “इस्लामिक NATO” जैसी उनकी महत्वाकांक्षी योजना पर भी सवाल उठ रहे हैं।
क्या हुआ? पूरा मामला
- पाकिस्तान की हथियार एक्सपोर्ट नीति: पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान अपने हथियारों (JF-17C फाइटर जेट, गोला-बारूद, मिसाइल सिस्टम) का ढिंढोरा पीट रहा है। अजरबैजान (जो आर्मेनिया के खिलाफ युद्ध में पाकिस्तान का मजबूत सहयोगी रहा है) को भी बड़े पैमाने पर हथियार बेचे गए।
- सुतली बम वाली घटना: अजरबैजान ने पाकिस्तान से खरीदे गए कुछ गोला-बारूद (artillery shells, rockets या अन्य munitions) का फील्ड टेस्ट किया। लेकिन लॉन्च करते ही वे फेल हो गए – या तो फटे नहीं, या रेंज बहुत कम रही, या पूरी तरह फुस्स हो गए। यह “सुतली बम” वाली उपमा इसलिए लगाई गई क्योंकि ये इतने कमजोर थे कि पटाखे जैसा भी असर नहीं दिखा।
- रिपोर्ट में दावा: यह गोला-बारूद आउटडेटेड था, क्वालिटी कंट्रोल जीरो, और पाकिस्तान ने जानबूझकर घटिया सामान थमाया ताकि पैसे कमाए जाएं। अजरबैजान अब हैरान है, और इसने उनके साथ रिश्तों में दरार डाल दी है।
- सऊदी अरब को उल्लू बनाया?: सऊदी अरब पाकिस्तान से हथियार खरीदने और “इस्लामिक NATO” (मुस्लिम देशों का मिलिट्री अलायंस) बनाने की बात कर रहा था। लेकिन इस घटना के बाद सऊदी भी सतर्क हो गया है। रिपोर्ट कहती है कि शाहबाज-मुनीर की जोड़ी ने सऊदी को भी “उल्लू” बनाया – यानी बड़े-बड़े वादे करके घटिया सामान थमाने की कोशिश की। अब सऊदी पाकिस्तान के हथियारों की क्वालिटी पर सवाल उठा रहा है, और डील्स पर रिव्यू हो सकता है।
राजनीतिक और सैन्य प्रभाव
- शाहबाज-मुनीर की मक्कारी: रिपोर्ट में कहा गया कि PM शाहबाज शरीफ और आर्मी चीफ आसिम मुनीर “ग्लोबल ठगी के आकाओं” में से एक हैं। पाकिस्तान की इकोनॉमी संकट में है, इसलिए वे हथियार एक्सपोर्ट से पैसे कमाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन क्वालिटी इतनी खराब है कि दोस्त भी मुंह मोड़ रहे हैं।
- अजरबैजान का रिएक्शन: अजरबैजान ने पाकिस्तान से शिकायत की है, और अब वे भारत से Pinaka मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर जैसे बेहतर सिस्टम खरीदने पर विचार कर रहे हैं। भारत-अजरबैजान डिफेंस टाई-अप बढ़ रहा है।
- इस्लामिक NATO का खतरा: सऊदी, पाकिस्तान, तुर्की जैसे देशों का प्रस्तावित अलायंस अब कमजोर पड़ रहा है। पाकिस्तान की घटिया हथियारों की वजह से भरोसा टूट रहा है।
- भारत का फायदा: भारत ने अजरबैजान को Pinaka जैसे हथियार ऑफर किए हैं, जो विश्वसनीय और घातक हैं। यह पाकिस्तान की “एक्सपोर्ट एम्बिशन” को बड़ा झटका है।
रिपोर्ट का स्रोत और अपडेट
यह खबर मुख्य रूप से News18 हिंदी (9 फरवरी 2026) की रिपोर्ट से आई है, जहां इसे “ट्रेंडिंग” बताया गया। अन्य मीडिया में भी चर्चा है कि पाकिस्तान की मिलिट्री इंडस्ट्री (जैसे PAC, HIT) की क्वालिटी कंट्रोल कमजोर है, और एक्सपोर्ट में धोखाधड़ी हो रही है। अगर अजरबैजान या सऊदी से कोई आधिकारिक बयान आता है, तो स्थिति और साफ होगी।
कुल मिलाकर, पाकिस्तान की यह “सुतली बम” वाली हरकत ने उसके दोस्तों को भी दूर किया है – शाहबाज-मुनीर की जोड़ी अब “उल्लू बनाने” के लिए मशहूर हो रही है! 😏


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