नई दिल्ली, 11 फरवरी 2026: दुनिया में विवाह के बाहर (non-marital या out-of-wedlock) बच्चों के जन्म की दर तेजी से बदल रही है। OECD और अन्य अंतरराष्ट्रीय डेटा के अनुसार, कई देशों में अब औसतन 42-43% बच्चे बिना शादी के पैदा हो रहे हैं। लेकिन ये ट्रेंड क्षेत्रीय रूप से बहुत अलग है – लैटिन अमेरिका और कुछ यूरोपीय देशों में ये बहुत ऊंचा है, जबकि एशिया (खासकर दक्षिण और पूर्वी एशिया) में बेहद कम।
दुनिया में सबसे आगे कौन? (टॉप देशों की लिस्ट – नवीनतम डेटा 2022-2024)
- कोलंबिया – 87% बच्चे विवाह के बाहर जन्म ले रहे हैं (2023)
- चिली – 78.1% (2022)
- कोस्टा रिका – 74% (2023)
- मैक्सिको – 73.7% (2024)
- आइसलैंड – 69.4% (2019-2023)
अन्य उच्च दर वाले देश:
- फ्रांस (~60-63%)
- नॉर्वे (~61%)
- स्वीडन (~58%)
- डेनमार्क (~55%)
ये आंकड़े OECD Family Database, Eurostat और World Population Review से लिए गए हैं। लैटिन अमेरिका में ये ट्रेंड सामाजिक बदलाव, सहवास (cohabitation) और सिंगल मदर सपोर्ट सिस्टम के कारण तेजी से बढ़ा है।
एशिया और भारत के पड़ोसी देशों का हाल
एशिया में विवाह के बाहर बच्चों का जन्म बहुत कम है – ज्यादातर 1-5% से नीचे। सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक मानदंडों के कारण शादी को बच्चे पैदा करने का मुख्य आधार माना जाता है।
- भारत – 1% से भी कम (करीब 0.5-1%)। विवाह के बाहर जन्म दुर्लभ हैं, सामाजिक कलंक के कारण।
- पाकिस्तान – 1% से कम (दक्षिण एशिया में सबसे कम में से एक)।
- बांग्लादेश – 1% से कम।
- नेपाल – 1-2% के आसपास।
- श्रीलंका – 1% से कम।
- चीन – 1-2% (परंपरागत रूप से बहुत कम)।
- जापान – 2.4% (2023) – दुनिया में सबसे कम में से एक।
- दक्षिण कोरिया – 4.7% (2024) – अभी भी बहुत कम, लेकिन थोड़ा बढ़ रहा है।
एशिया में जापान, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे देशों में कुल जन्म दर (fertility rate) बहुत कम है (1.0-1.3), लेकिन ज्यादातर बच्चे शादी के बाद ही पैदा होते हैं।
क्यों इतना फर्क?
- पश्चिमी/लैटिन देश: सहवास आम, सिंगल पेरेंटिंग को सपोर्ट, कानूनी अधिकार मजबूत।
- एशिया (खासकर दक्षिण एशिया): शादी को सामाजिक/धार्मिक जरूरत माना जाता है, अविवाहित माताओं पर स्टिग्मा ज्यादा।
दुनिया में ये ट्रेंड बढ़ रहा है, लेकिन भारत और उसके पड़ोसियों में अभी भी विवाह ही मुख्य आधार है।


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