अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 9 जनवरी 2026 (शुक्रवार) को व्हाइट हाउस में ऑयल एग्जीक्यूटिव्स के साथ मीटिंग के दौरान ईरान पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा: “Iran’s in big trouble” (ईरान बहुत बड़ी मुसीबत में है)। यह बयान ईरान में दिसंबर 2025 के अंत से जारी देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच आया है, जो अब 13वें दिन में प्रवेश कर चुके हैं।
ट्रंप ने आगे कहा: “मुझे लगता है कि लोग कुछ ऐसे शहरों पर कब्जा कर रहे हैं, जिनके बारे में कुछ हफ्ते पहले किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह मुमकिन होगा। हम स्थिति को बहुत बारीकी से देख रहे हैं।”


प्रदर्शनों की वजह क्या है?
ईरान में विरोध प्रदर्शन महंगाई, बेरोजगारी, ईरानी रियाल की रिकॉर्ड गिरावट और आर्थिक संकट से शुरू हुए। लेकिन अब ये प्रदर्शन इस्लामी गणराज्य के खिलाफ और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के इस्तीफे की मांग में बदल चुके हैं। कुछ जगहों पर लोग पुरानी राजशाही (पहलवी वंश) की बहाली की मांग कर रहे हैं।
- अब तक कम से कम 62 मौतें (HRANA के अनुसार, जिसमें 48 प्रदर्शनकारी और 14 सुरक्षा कर्मी शामिल) हो चुकी हैं।
- ईरानी सरकार ने इंटरनेट ब्लैकआउट कर दिया है, अंतरराष्ट्रीय कॉल्स बंद हैं और कई शहरों में हिंसा बढ़ गई है।
- प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर इमारतें जलाई हैं और “खामेनेई मुर्दाबाद” के नारे लगाए हैं।

ट्रंप की धमकी क्या है?
ट्रंप ने कई बार दोहराया कि अगर ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाना शुरू करती है (जैसा पहले हुआ है), तो अमेरिका “very hard” जवाब देगा। उन्होंने कहा: “You better not start shooting because we’ll start shooting too… We’ll be hitting them very hard where it hurts.” (अच्छा होगा गोली मत चलाओ, वरना हम भी गोली चलाएंगे… हम उन्हें वहीं मारेंगे जहां सबसे ज्यादा दर्द होगा।)
ट्रंप ने साफ किया कि इसका मतलब अमेरिकी सैनिकों को जमीन पर नहीं उतारा जाएगा (no boots on the ground), लेकिन एयर स्ट्राइक्स या अन्य सैन्य कार्रवाई संभव है। यह धमकी ट्रंप के पिछले बयानों से जुड़ी है, जहां उन्होंने कहा था कि अमेरिका “locked and loaded” है।

खामेनेई का जवाब
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने ट्रंप पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को “ट्रंप को खुश करने वाले गुंडे और किराए के लोग” बताया और कहा कि वे “अपनी सड़कों को बर्बाद कर रहे हैं”। खामेनेई ने ट्रंप को सलाह दी: “अपने देश की समस्याओं पर ध्यान दो।” उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ईरान “पीछे नहीं हटेगा”।
वैश्विक संदर्भ और क्यों इतना बड़ा बयान?
ट्रंप का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि:
- 2025 में ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर बमबारी की थी (जून 2025 में)।
- ईरान के प्रॉक्सी ग्रुप्स (जैसे हिजबुल्लाह, हूती) कमजोर हो चुके हैं।
- ईरान आर्थिक रूप से बैंकrupt जैसी स्थिति में है, और अब घरेलू अशांति से शासन का अस्तित्व खतरे में लग रहा है। ट्रंप इसे “regime change” का मौका मान रहे हैं, और प्रदर्शनकारियों को “brave people” कहकर सपोर्ट दे रहे हैं।
यह स्थिति तेजी से बदल रही है। अगर हिंसा बढ़ी तो अमेरिका-ईरान टकराव और गहरा सकता है। दुनिया की नजरें तेहरान पर टिकी हैं – क्या यह 2022 के बाद सबसे बड़ी क्रांति बनेगी?

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