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Tehran is burning: Protests that began with the fall of the rial have now turned into an open war against the Islamic Republic

तेहरान जल रहा है: रियाल की गिरावट से शुरू हुआ प्रदर्शन अब इस्लामी गणराज्य के खिलाफ खुली जंग में बदला

9 जनवरी 2026 अपडेट: ईरान में आर्थिक संकट से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब 12वें दिन में हैं और पूरे देश में फैल चुके हैं। 28 दिसंबर 2025 से शुरू हुए ये प्रदर्शन अब सभी 31 प्रांतों के 340+ स्थानों पर पहुंच चुके हैं। राजधानी तेहरान, मशहद (सुप्रीम लीडर खामेनेई का गृहनगर), इस्फहान, शिराज, तबरीज, अबादान, इलाम, करमानशाह और दर्जनों अन्य शहरों में हजारों-लाखों लोग सड़कों पर उतरे हैं। प्रदर्शनकारियों ने आर्थिक मुद्दों से आगे बढ़कर सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ सीधे नारे लगाए और निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के समर्थन में ‘जावीद शाह’ (शाह जिंदाबाद), ‘रजा शाह, तेरी आत्मा शांत हो’ और ‘यह आखिरी लड़ाई है, पहलवी लौटेगा’ जैसे नारे गूंज रहे हैं।

प्रदर्शनों की शुरुआत और कारण

  • प्रदर्शन तेहरान के ग्रैंड बाजार से शुरू हुए, जहां व्यापारियों ने ईरानी रियाल की रिकॉर्ड गिरावट (1.4 मिलियन रियाल प्रति डॉलर) और 40-50% से अधिक महंगाई के खिलाफ हड़ताल की।
  • सरकार ने सब्सिडाइज्ड एक्सचेंज रेट खत्म किया, जिससे आवश्यक वस्तुओं की कीमतें आसमान छू गईं।
  • जल्द ही छात्र, मजदूर और आम नागरिक शामिल हो गए। अब प्रदर्शन राजनीतिक हो चुके हैं: ‘मौत तानाशाह को’ (खामेनेई को संबोधित), ‘इस्लामी गणराज्य नहीं चाहिए’ और विदेश नीति की आलोचना में ‘न गाजा, न लेबनान, मेरी जान ईरान के लिए’।
  • 2022 के महसा अमीनी आंदोलन के बाद ये सबसे बड़े प्रदर्शन हैं।

प्रमुख नारे और रजा पहलवी की भूमिका

  • कई शहरों में राजशाही समर्थक नारे: ‘जावीद शाह’, ‘रजा पहलवी लौटेगा’ और दिवंगत शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे रजा पहलवी का खुला समर्थन।
  • रजा पहलवी ने 8 और 9 जनवरी को शाम 8 बजे एक साथ नारे लगाने की अपील की, जिसका व्यापक असर हुआ। तेहरान में लाखों लोग सड़कों पर उतरे और छतों से नारे लगाए।
  • पहलवी ने सुरक्षा बलों से लोगों का साथ देने की अपील की और प्रदर्शनकारियों को प्रोत्साहित किया।

सरकारी दमन और हिंसा

  • सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की: मानवाधिकार संगठनों (HRANA, Amnesty, IHRNGO) के अनुसार कम से कम 38-45 प्रदर्शनकारी मारे गए (कुछ रिपोर्ट्स में 50 तक), जिनमें बच्चे शामिल। 2,200+ गिरफ्तारियां।
  • अस्पतालों पर छापे: इलाम में इमाम खोमैनी अस्पताल पर हमला कर घायलों को गिरफ्तार किया।
  • 8 जनवरी शाम से nationwide इंटरनेट और फोन ब्लैकआउट: NetBlocks ने पुष्टि की कि कनेक्टिविटी 1% तक गिर गई, ताकि वीडियो बाहर न जाएं।
  • कुछ जगहों पर सरकारी इमारतों और वाहनों में आग लगाई गई।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया, खामेनेई को चेतावनी दी और कहा कि अगर हिंसा जारी रही तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा। ट्रंप ने मशहद में लाखों प्रदर्शनकारियों का जिक्र किया।
  • रजा पहलवी ने ट्रंप का धन्यवाद किया।
  • इजरायल और पश्चिमी देशों ने समर्थन जताया; ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका-इजरायल को दोष दिया।
  • निर्वासित ईरानी दुनिया भर में प्रदर्शन कर रहे हैं।

ये प्रदर्शन इस्लामी गणराज्य के लिए सबसे गंभीर चुनौती हैं। इंटरनेट ब्लैकआउट के बावजूद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। स्थिति तेजी से बदल रही है—क्या ये शासन परिवर्तन की दिशा में बढ़ेगा, यह अनिश्चित है।

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