स्टोरी में चांदी की कीमतों में हालिया गिरावट और भविष्य में भारी क्रैश की भविष्यवाणी पर फोकस है। चांदी ने 2025 में रिकॉर्ड तेजी दिखाई (174% तक रिटर्न, MCX पर 4.20 लाख रुपये/किलो तक पहुंची), लेकिन 2026 की शुरुआत में ही भारी गिरावट आई है – अब यह अपने पीक से 1.91 लाख रुपये तक सस्ती हो चुकी है। एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि आने वाले समय में यह अपने उच्चतम स्तर से 75-80% तक लुढ़क सकती है।
वर्तमान स्थिति (7 फरवरी 2026 अपडेट)
- COMEX सिल्वर: शुक्रवार को बड़ी गिरावट के बाद $63.90 प्रति औंस पर बंद हुआ (पहले $67+ था)।
- MCX सिल्वर: इंट्रा-डे में 2.29 लाख रुपये/किलो तक गिरा, लेकिन निवेशकों की खरीदारी से रिकवर होकर 2.48 लाख रुपये/किलो पर पहुंचा। हाल के दिनों में कुल गिरावट 1.91 लाख रुपये/किलो से ज्यादा (पीक 4.20 लाख से अब ~2.45-2.50 लाख के आसपास)।
- भारतीय बाजार: दिल्ली/मुंबई में चांदी ~2.75 लाख रुपये/किलो के आसपास ट्रेड कर रही है (IBJA/अन्य सोर्स से), लेकिन वैश्विक ट्रेंड से प्रभावित हो रही है।
एक्सपर्ट की भविष्यवाणी: 75-80% गिरावट क्यों?
PACE 360 के चीफ ग्लोबल स्ट्रेटेजिस्ट अमित गोयल (मार्केट एक्सपर्ट) ने कहा:
- चांदी अपने उच्चतम स्तर ($121/oz या उससे ऊपर) से 75-80% गिरकर $25-30 प्रति औंस तक आ सकती है।
- यह गिरावट आने वाले 2 वर्षों (2026-2028) में हो सकती है।
- कारण:
- भारी मुनाफावसूली (Profit Booking): 2025 की तेजी (174% रिटर्न) के बाद निवेशक मुनाफा निकाल रहे हैं।
- अमेरिकी डॉलर की मजबूती: डॉलर इंडेक्स हाई पर, जिससे अन्य मुद्राओं में सोना-चांदी महंगा हो जाता है और मांग घटती है।
- भू-राजनीतिक तनाव में कमी: अमेरिका-ईरान वार्ता (ओमान में) से ग्लोबल टेंशन कम हुआ, जिससे सेफ-हेवन एसेट्स (गोल्ड/सिल्वर) की डिमांड घटी।
- औद्योगिक मांग में संभावित सुधार लेकिन सट्टेबाजी का प्रभाव: चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड (सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स) मजबूत रही, लेकिन स्पेकुलेशन से बुलबुला फूटा।
- अन्य एक्सपर्ट्स (जैसे अनुज गुप्ता): ईरान-अमेरिका न्यूक्लियर टॉक्स से टेंशन कम होने और डॉलर स्ट्रेंथ मुख्य वजह।
बैकग्राउंड और हालिया ट्रेंड
- 2025 में चांदी सुपरस्टार: साल भर में 1.63 लाख रुपये/किलो की बढ़ोतरी, पीक पर 4.20 लाख+। कारण – ग्लोबल सप्लाई शॉर्टेज, चीन की डिमांड, जियोपॉलिटिकल टेंशन (US-इरान/चीन), इंडस्ट्रियल यूज (सोलर पैनल आदि)।
- 2026 में क्रैश: जनवरी-फरवरी में पैराबोलिक राइज के बाद प्रॉफिट बुकिंग + मार्जिन कॉल्स + डॉलर स्ट्रेंथ से गिरावट। बजट 2026 के बाद भी गिरावट जारी (इंपोर्ट बेस प्राइस कट से कुछ राहत, लेकिन ओवरऑल नेगेटिव)।
- अन्य पूर्वानुमान: कुछ एक्सपर्ट्स (जैसे JPMorgan पूर्व स्ट्रेटेजिस्ट) $50/oz तक क्रैश की बात कर रहे हैं। दूसरी तरफ, कुछ ऑप्टिमिस्टिक ($65-95/oz तक 2026 एंड) लेकिन मॉडरेशन की उम्मीद।
निवेशकों के लिए सलाह (एक्सपर्ट्स से)
- गिरावट जारी रह सकती है – अभी खरीदारी से बचें या डिप्स पर स्टैगर्ड इन्वेस्टमेंट।
- लॉन्ग टर्म: इंडस्ट्रियल डिमांड (ग्रीन एनर्जी) से रिकवरी संभव, लेकिन शॉर्ट टर्म वोलेटाइल।
- गोल्ड की तुलना में चांदी ज्यादा गिरती है (गोल्ड ~16-20% गिरा, चांदी 35%+ गिर चुकी)।
जहां चांदी की गिरावट को “क्रैश अलर्ट” के रूप में कवर किया जा रहा है। बाजार वोलेटाइल है – रियल-टाइम रेट्स के लिए MCX/COMEX चेक करें।


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