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Purnia MP Pappu Yadav arrested from Patna in a 31-year-old case: He said, 'I could be killed', admitted to PMCH after high blood pressure, massive protest by supporters

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव 31 साल पुराने केस में पटना से गिरफ्तार: बोले- ‘मेरी हत्या हो सकती है’, हाई ब्लड प्रेशर के बाद PMCH में भर्ती, समर्थकों का भारी प्रदर्शन

पटना, 7 फरवरी 2026 — बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को शुक्रवार (6 फरवरी 2026) देर रात पटना पुलिस ने उनके मंदिर इलाके स्थित आवास से 31 साल पुराने एक धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आधी रात में करीब 3 घंटे तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चला, जिसमें सांसद ने पुलिस को “मुझे मारने की साजिश” बताया और समर्थकों ने भारी हंगामा किया। गिरफ्तारी के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, हाई ब्लड प्रेशर के कारण उन्हें पहले IGIMS और फिर पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) में भर्ती कराया गया।

घटना का क्रम

  • रात 10:30 बजे: पटना पुलिस की टीम (करीब 50 जवान) सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में पप्पू यादव के आवास पहुंची। पटना की विशेष अदालत (MP/MLA कोर्ट) के वारंट पर कार्रवाई।
  • ड्रामा और विरोध: पप्पू यादव गिरफ्तारी का विरोध करते रहे, कहा- “मुझे नहीं पता मेरा क्या होगा… ये लोग मुझे मार देंगे।” समर्थकों ने घर घेर लिया, नारे लगाए और पुलिस से बहस की। पुलिस ने घंटों मशक्कत के बाद रात 12:15 बजे उन्हें गिरफ्तार किया।
  • तबीयत बिगड़ी: गिरफ्तारी के तुरंत बाद हाई ब्लड प्रेशर और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें IGIMS ले जाया गया। शनिवार सुबह स्ट्रेचर पर PMCH लाए गए, जहां अल्ट्रासाउंड और अन्य जांच चल रही है। डॉक्टरों ने कहा कि उनकी हालत स्थिर है लेकिन निगरानी में हैं।
  • समर्थकों का प्रदर्शन: गिरफ्तारी की खबर फैलते ही सैकड़ों समर्थक PMCH और पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गए। उन्होंने नीतीश कुमार सरकार पर “राजनीतिक साजिश” का आरोप लगाया और “पप्पू यादव जिंदाबाद” के नारे लगाए। कुछ जगहों पर हंगामा और पुलिस से झड़प की खबरें।

31 साल पुराना मामला क्या है?

  • FIR: 1995 में पटना के गर्दनीबाग थाने में दर्ज (FIR संख्या 552/1995)।
  • शिकायतकर्ता: विनोद बिहारी लाल ने आरोप लगाया कि पप्पू यादव ने धोखाधड़ी से उनका मकान किराए पर लिया और उसे सांसद कार्यालय के रूप में इस्तेमाल किया, जबकि किराए के समय मकान का उपयोग छुपाया गया।
  • धारा: IPC की 419 (जालसाजी), 420 (धोखाधड़ी), 468 (दस्तावेज जालसाजी), 448 (घर में अवैध घुसपैठ), 506 (धमकी) और 120B (आपराधिक साजिश)।
  • कोर्ट कार्रवाई: लंबे समय से ट्रायल चल रहा था। पप्पू यादव बार-बार पेशी पर नहीं आए, जिसके बाद पहले वारंट, फिर इश्तेहार, संपत्ति कुर्की का आदेश और अब गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ। अदालत ने पप्पू यादव समेत 3 आरोपियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया।
  • पुलिस का बयान: पटना एसएसपी और सिटी एसपी ने कहा कि यह कोर्ट के आदेश पर कानूनी कार्रवाई है, कोई राजनीतिक दबाव नहीं।

पप्पू यादव का पक्ष

  • गिरफ्तारी को नीतीश कुमार सरकार की साजिश बताया। कहा- “जब भी मैं जनता के मुद्दे उठाता हूं (जैसे NEET छात्रा मौत, BPSC घोटाला आदि), मुझे फंसाया जाता है।”
  • समर्थकों ने कहा- “ये राजनीतिक बदले की कार्रवाई है, क्योंकि पप्पू यादव सरकार की कमियों को उजागर कर रहे थे।”

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

  • विपक्ष: RJD, कांग्रेस ने गिरफ्तारी को “तानाशाही” बताया और जांच की मांग की।
  • सत्ताधारी NDA: चुप्पी, लेकिन कुछ नेताओं ने कहा कि कानून सबके लिए बराबर है।
  • समर्थक: PMCH के बाहर प्रदर्शन जारी, “पप्पू यादव को रिहा करो” के नारे।

पप्पू यादव को शनिवार को कोर्ट में पेश किया जा सकता है, जहां बेल या रिमांड पर फैसला होगा। यह घटना बिहार की सियासत में नया तूफान ला सकती है, क्योंकि पप्पू यादव अक्सर नीतीश-बीजेपी सरकार के खिलाफ मुखर रहते हैं।

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