नई दिल्ली/कुआलालंपुर, 7 फरवरी 2026 — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (7 फरवरी 2026) दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर मलेशिया रवाना हो गए। यह यात्रा मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के निमंत्रण पर हो रही है। पीएम मोदी की यह मलेशिया की तीसरी यात्रा है और 2015 के बाद पहली आधिकारिक यात्रा (लगभग 8 साल बाद)। यह दौरा भारत-मलेशिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) को और मजबूत करने पर केंद्रित है, जो अगस्त 2024 में अनवर इब्राहिम की भारत यात्रा के दौरान ऊंचा स्तर प्राप्त हुई थी।
मुख्य एजेंडा और कार्यक्रम
- दिनांक: 7-8 फरवरी 2026
- उद्देश्य: द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा, व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, डिजिटल टेक्नोलॉजी, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना।
- मुख्य बैठकें:
- 8 फरवरी को प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से द्विपक्षीय बैठक (Seri Perdana Complex, Putrajaya में)।
- आधिकारिक स्वागत समारोह (Perdana Putra Complex, Putrajaya)।
- 10वां भारत-मलेशिया CEO फोरम में भागीदारी (कुआलालंपुर में), जहां पीएम मोदी उद्योगपतियों और कारोबारी नेताओं से मिलेंगे। फोरम में सेमीकंडक्टर सहयोग, UPI एकीकरण और अन्य आर्थिक मुद्दों पर चर्चा होगी।
- भारतीय समुदाय से मुलाकात (लगभग 2.9 मिलियन भारतीय मूल के लोग मलेशिया में रहते हैं; MINES International Exhibition and Convention Centre में 15,000 लोगों की सभा संभावित)।
- संभावित समझौते: सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग पर MoU, रक्षा उपकरण (एयरक्राफ्ट, सबमरीन अपग्रेड), व्यापार समझौते की समीक्षा (Comprehensive Economic Cooperation Agreement)।
जाकिर नाइक का मुद्दा: भारत का प्रमुख फोकस
- विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया कि यात्रा के दौरान फरार इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण पर चर्चा होगी।
- MEA सचिव (पूर्व) पी कुमारन ने ब्रिफिंग में कहा: “जाकिर नाइक के मुद्दे पर सभी मुद्दे चर्चा होंगे। हम वांछित परिणाम की उम्मीद करते हैं।” भारत तकनीकी प्रक्रियाओं के जरिए दबाव बनाए रखेगा।
- जाकिर नाइक 2016 से मलेशिया में रह रहे हैं। भारत उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद भड़काने और घृणा भाषण के आरोपों में वांछित मानता है।
- अगस्त 2024 में अनवर इब्राहिम ने कहा था कि पर्याप्त सबूत मिलने पर मलेशिया “आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा”। भारत अब इस दौरे में नया दबाव बनाएगा।
पीएम मोदी का प्रस्थान बयान
पीएम मोदी ने प्रस्थान से पहले कहा: “मैं अपने मित्र प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के निमंत्रण पर मलेशिया जा रहा हूं। हम रक्षा और सुरक्षा संबंधों को गहरा करेंगे, आर्थिक और नवाचार साझेदारी बढ़ाएंगे, और नए क्षेत्रों में सहयोग विस्तारित करेंगे।”
पृष्ठभूमि और महत्व
- मलेशिया दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- 2024 में साझेदारी ऊंची होने के बाद यह पहली उच्च-स्तरीय यात्रा।
- मलेशिया में बड़ा भारतीय प्रवासी समुदाय (मिनी इंडिया कहा जाता है) और आर्थिक अवसर (सेमीकंडक्टर, डिफेंस)।
- जाकिर नाइक का मुद्दा भारत के लिए संवेदनशील है; यह यात्रा प्रत्यर्पण की दिशा में नई कोशिश है।
यह दौरा भारत-मलेशिया संबंधों को नई गति देगा, लेकिन जाकिर नाइक पर परिणाम पर सबकी नजर रहेगी।


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