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ऑपरेशन सिंदूर पर पृथ्वीराज चव्हाण के विवादित बयान से सियासी तूफान: पाकिस्तान गदगद, BJP ने लगाया सेना अपमान का आरोप

नई दिल्ली/पुणे, 17 दिसंबर 2025: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर ऐसा बयान दे दिया है, जिससे राजनीतिक हलचल मच गई है। चव्हाण ने दावा किया कि मई 2025 में पाकिस्तान के साथ हुए इस सैन्य संघर्ष के पहले ही दिन भारत पूरी तरह हार गया था। उनके इस बयान को बीजेपी ने “सेना का अपमान” और “पाकिस्तान की भाषा बोलना” करार दिया है, जबकि पाकिस्तानी मीडिया और सोशल मीडिया पर इसे भारत की “हार” का प्रमाण बताकर जश्न मनाया जा रहा है। चव्हाण ने माफी मांगने से भी इनकार कर दिया है। आइए जानते हैं पूरी डिटेल्ड स्टोरी।

ऑपरेशन सिंदूर क्या था?

  • 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 पर्यटकों की हत्या कर दी थी।
  • जवाब में भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया। भारतीय वायुसेना ने राफेल लड़ाकू विमानों, स्कैल्प मिसाइलों और हैमर बमों से पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया।
  • सरकार के अनुसार, 23 मिनट में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। संघर्ष 7 से 10 मई तक चला, जिसमें पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की, लेकिन अंत में 10 मई को पाकिस्तान ने सीजफायर की अपील की।
  • इसे भारत की बड़ी सैन्य सफलता माना गया, जिसने पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर को भी सफाई देने पर मजबूर कर दिया।

पृथ्वीराज चव्हाण ने क्या कहा?

पुणे में 16 दिसंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में चव्हाण ने कहा:

  • “ऑपरेशन सिंदूर के पहले दिन (7 मई) हम पूरी तरह हार गए थे। आधे घंटे की हवाई झड़प में हम पूरी तरह हार गए, चाहे लोग मानें या न मानें।”
  • “भारतीय विमानों को मार गिराया गया। वायुसेना पूरी तरह ग्राउंडेड रही, एक भी विमान नहीं उड़ा।”
  • “अगर ग्वालियर, बठिंडा या सिरसा से कोई विमान उड़ता, तो पाकिस्तान उसे मार गिराता – यही डर था।”
  • उन्होंने आगे कहा कि भविष्य के युद्ध हवाई और मिसाइल आधारित होंगे, इसलिए 12 लाख सैनिकों की बड़ी थलसेना की जरूरत नहीं। पोखरण न्यूक्लियर टेस्ट को भी अटल सरकार की “सबसे बड़ी गलती” बताया।

17 दिसंबर को विवाद बढ़ने पर चव्हाण अड़े रहे: “माफी क्यों मांगूं? कुछ गलत नहीं कहा। संविधान मुझे सवाल पूछने का अधिकार देता है।” उन्होंने पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर की निष्पक्ष जांच की मांग की।

पाकिस्तान क्यों गदगद?

  • पाकिस्तानी मीडिया और सोशल मीडिया पर चव्हाण के बयान को “भारतीय नेता की स्वीकारोक्ति” बताकर प्रचारित किया जा रहा है।
  • पाक आर्मी के प्रोपेगैंडा हैंडल और मीडिया ने इसे “ऑपरेशन सिंदूर में पाक की जीत” का सबूत बताया।
  • बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा: “कांग्रेस पाकिस्तान की भाषा बोल रही है। यह सेना का अपमान है और पाक को खुश करने वाला आत्मघाती गोल।”

बीजेपी और अन्य दलों का पलटवार

  • बीजेपी ने कांग्रेस को “पाकिस्तान समर्थक” और “सेना विरोधी” बताया।
  • शहजाद पूनावाला: “सेना का अपमान कांग्रेस की पहचान बन गया। राहुल गांधी भी ऐसे बयान दे चुके हैं।”
  • बीजेपी सांसद ब्रिज लाल: “कांग्रेस हमेशा पाकिस्तान के पक्ष में रही।”
  • केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह: “सेना के शौर्य का अपमान बर्दाश्त नहीं।”
  • जद(यू) प्रवक्ता: “कांग्रेस को चव्हाण के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।”

कांग्रेस की प्रतिक्रिया

  • कांग्रेस ने चव्हाण से दूरी बनाई। झारखंड सांसद सुखदेव भगत: “चव्हाण अपने सूत्र बताएं, लेकिन हमें सेना पर गर्व है। कांग्रेस आतंक और पाकिस्तान के खिलाफ सरकार का समर्थन करती है।”
  • पार्टी ने आधिकारिक रूप से बयान से किनारा किया, लेकिन चव्हाण पर कार्रवाई नहीं की।

पूरी सच्चाई और प्रभाव

चव्हाण का बयान सरकारी दावों के उलट है – सरकार ने ऑपरेशन को पूर्ण सफल बताया, कोई बड़ा नुकसान नहीं स्वीकारा। विदेशी मीडिया में कुछ रिपोर्ट्स भारत को नुकसान की बात करती हैं, लेकिन आधिकारिक रूप से भारत ने जीत का दावा किया। यह बयान संसद के शीतकालीन सत्र में बीजेपी के लिए कांग्रेस को घेरने का हथियार बनेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे बयान सेना का मनोबल गिराते हैं और दुश्मन को खुशी देते हैं।

यह मामला दिखाता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति कितनी विभाजनकारी हो सकती है। चव्हाण के बयान ने न केवल कांग्रेस को असहज किया, बल्कि पाकिस्तान को प्रोपेगैंडा का मौका दे दिया।

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