ईरान में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों और आर्थिक संकट के बीच मोदी सरकार ने वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए तेजी से कदम उठाए हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) और तेहरान में भारतीय दूतावास ने कई एडवाइजरी जारी की हैं, जिसमें लगभग 9,000 भारतीयों (जिनमें छात्र, तीर्थयात्री, व्यापारी और अन्य शामिल हैं) को सतर्क रहने और उपलब्ध किसी भी माध्यम से ईरान छोड़ने की सलाह दी गई है।
मोदी सरकार की प्रमुख कार्रवाई
- एडवाइजरी जारी: 5 जनवरी 2026 से शुरू होकर 14-16 जनवरी तक कई बार एडवाइजरी जारी की गई। भारतीयों से कहा गया कि तेहरान और अन्य प्रदर्शन प्रभावित इलाकों को छोड़ दें, गैर-जरूरी यात्रा टालें और दूतावास से संपर्क में रहें।
- वापसी अभियान शुरू: 16 जनवरी 2026 को पहली फ्लाइट (Mahan Air W5-071) तेहरान से दिल्ली पहुंची, जिसमें कई भारतीय नागरिक स्वदेश लौटे। शुक्रवार (16 जनवरी) से विशेष अभियान शुरू हुआ, जिसमें कमर्शियल फ्लाइट्स और चार्टर्ड विमानों से निकासी हो रही है।
- दूतावास की भूमिका: भारतीय दूतावास ने छात्रों, तीर्थयात्रियों और अन्य की जानकारी जुटाई। इंटरनेट ब्लैकआउट के बावजूद हेल्पलाइन नंबरों के जरिए संपर्क साधा जा रहा है। MEA ने कहा कि सरकार हर जरूरी कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
- विशेष फोकस: जम्मू-कश्मीर के छात्रों और तीर्थयात्रियों पर विशेष ध्यान। J&K स्टूडेंट्स एसोसिएशन और वक्फ बोर्ड ने पीएम मोदी की तारीफ की, कहा कि मोदी सरकार हमेशा छात्रों को पहले निकालती है।
एक मुस्लिम परिवार की सच्चाई और प्रतिक्रिया
ईरान में तीर्थयात्रा (पिलग्रिमेज) पर गईं एक महिला (जो मुस्लिम परिवार से हैं) शुक्रवार रात दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचीं। उनके परिवार ने मीडिया से बात करते हुए मोदी सरकार की सराहना की:
“मेरी पत्नी की मौसी ईरान तीर्थयात्रा पर गई थीं… ईरान हमेशा भारत का अच्छा दोस्त रहा है और हम मोदी सरकार पर पूरा भरोसा करते थे, जो लगातार समर्थन देती रही। हम भारत सरकार का शुक्रिया अदा करते हैं कि उन्होंने यह संभव बनाया। हम बहुत खुश हैं कि हमारा परिवार का सदस्य सुरक्षित वापस आ रहा है।”
एक अन्य लौटे भारतीय ने कहा:
“वहां हालात बहुत खराब हैं। भारत सरकार बहुत सहयोग कर रही है, दूतावास ने जल्द से जल्द निकलने की जानकारी दी। मोदी जी हैं तो हर चीज मुमकिन है।”
ये बयान दिखाते हैं कि मुस्लिम परिवार सहित कई भारतीय मोदी सरकार की त्वरित कार्रवाई से संतुष्ट हैं। वे ईरान के साथ भारत के मजबूत संबंधों का जिक्र करते हुए सरकार की मदद की तारीफ कर रहे हैं।
वर्तमान स्थिति (17 जनवरी 2026 तक)
- ईरान में प्रदर्शन 2,500+ मौतों के साथ जारी हैं, इंटरनेट ब्लैकआउट और हिंसा बढ़ी है।
- MEA स्थिति पर नजर रखे हुए है; निकासी जारी है, लेकिन बड़े पैमाने पर एयरलिफ्ट अभी पूरी तरह शुरू नहीं हुआ क्योंकि जोखिम भरे इलाकों से आवागमन चुनौतीपूर्ण है।
- अलग मामला: दिसंबर 2025 में MT Valiant Roar जहाज के 16 भारतीय क्रू मेंबर्स (जिनमें केतन मेहता शामिल) को IRGC ने हिरासत में लिया। उनके परिवार ने पीएम मोदी से अपील की, MEA ने कांसुलर एक्सेस मांगा है।
मोदी सरकार ने वतन वापसी मिशन के तहत भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है, जो यूक्रेन, सूडान जैसे पिछले संकटों में भी दिखी थी। लौटे नागरिकों के बयानों से साफ है कि सरकार की कोशिशें सराहनीय रहीं, खासकर मुस्लिम तीर्थयात्रियों और परिवारों के लिए। स्थिति पर नजर बनी हुई है—अगर जरूरत पड़ी तो और फ्लाइट्स भेजी जा सकती हैं।


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