असम कैबिनेट ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में कांग्रेस के डिप्टी लीडर गौरव गोगोई के कथित ‘पाकिस्तान कनेक्शन’ (Pakistan connection) मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मानते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) को सौंप दिया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 8 फरवरी 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी पुष्टि की। राज्य सरकार ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की रिपोर्ट और संबंधित FIR को MHA को भेजने का फैसला लिया है, ताकि आगे की जांच एनआईए (NIA) या सीबीआई (CBI) जैसी केंद्रीय एजेंसी से हो सके।
मामला क्या है? (Background और आरोप)
यह विवाद असम पुलिस की SIT की जांच से जुड़ा है, जो पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख (Ali Tauqeer Sheikh) की कथित भारत-विरोधी गतिविधियों पर केंद्रित थी। SIT ने फरवरी 2025 में गठित होकर जांच की, और रिपोर्ट में गौरव गोगोई, उनकी ब्रिटिश मूल की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई (Elizabeth Colburn Gogoi), और शेख के बीच गहरे संबंध होने का दावा किया गया है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के मुख्य आरोप (प्रेस कॉन्फ्रेंस और SIT रिपोर्ट के आधार पर):
- एलिजाबेथ गोगोई ने 2011-2012 में पाकिस्तान में LEAD Pakistan नामक संगठन (जो अली तौकीर शेख द्वारा चलाया जाता था) में काम किया। बाद में उन्हें भारत ट्रांसफर कर दिया गया, लेकिन वेतन पाकिस्तानी नागरिक से मिलता रहा।
- एलिजाबेथ ने भारतीय इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) से जुड़ी संवेदनशील जानकारी (climate action और अन्य) इकट्ठा की और 45 पेज की रिपोर्ट पाकिस्तानी एजेंट शेख को भेजी।
- गौरव गोगोई ने दिसंबर 2013 में गुपचुप तरीके से 10 दिन पाकिस्तान (इस्लामाबाद और कराची) का दौरा किया। सरमा का दावा है कि पाकिस्तान सरकार के हस्तक्षेप से वीजा मिला, और इस दौरान कोई ट्रेनिंग या संदिग्ध गतिविधि हो सकती है।
- लोकसभा में गौरव गोगोई ने रक्षा और सुरक्षा से जुड़े सवाल पूछे, जो पाकिस्तान को फायदा पहुंचा सकते हैं।
- तीनों (गोगोई, एलिजाबेथ, शेख) के बीच पाकिस्तान से सीधे संबंध के सबूत मिले, जो भारत-विरोधी साजिश का हिस्सा हो सकते हैं।
- सरमा ने कहा: “यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है, कोई व्यक्तिगत नहीं। एक सांसद, उनकी पत्नी और पाकिस्तानी एजेंट शामिल हैं।”
असम कैबिनेट का फैसला
- 7 फरवरी 2026 को कैबिनेट मीटिंग में SIT रिपोर्ट पर विस्तृत चर्चा हुई।
- मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होने और इंटरपोल जैसी अंतरराष्ट्रीय मदद की जरूरत के कारण राज्य स्तर पर जांच सीमित बताई गई।
- SIT रिपोर्ट, FIR, और अन्य दस्तावेज MHA को भेजे जाएंगे।
- MHA तय करेगा कि जांच NIA करेगी या CBI।
- असम सरकार एलिजाबेथ गोगोई का OCI/वीजा रद्द करने की भी मांग करेगी, क्योंकि उनकी मौजूदगी भारत के लिए नुकसानदायक है।
- सरमा ने कहा: “हमने गौरव गोगोई से पूछताछ नहीं की, क्योंकि गिरफ्तारी से चुनावी राजनीति का आरोप लगेगा। केंद्र फैसला लेगा।”
राजनीतिक प्रभाव और रिएक्शन
- यह असम विधानसभा चुनाव (2026) से पहले BJP vs कांग्रेस की बड़ी सियासी जंग है। हिमंत सरमा ने इसे “C-ग्रेड सिनेमा से भी बदतर” नहीं कहा, बल्कि कांग्रेस ने आरोपों को “झूठा और राजनीतिक बदला” बताया।
- गौरव गोगोई ने आरोपों को खारिज किया और कहा कि यह “राजनीतिक साजिश” है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरमा के दावे “बेबुनियाद” हैं और वे कानूनी कार्रवाई करेंगे।
- कांग्रेस ने इसे “BJP की चुनावी रणनीति” बताया, जबकि BJP इसे “राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा” बता रही है।
- सोशल मीडिया पर बहस तेज है, मीम्स और ट्रोल्स चल रहे हैं।
यह मामला अभी शुरुआती चरण में है। MHA की प्रतिक्रिया और केंद्रीय जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। अगर NIA/CBI जांच शुरू हुई तो बड़े खुलासे हो सकते हैं।


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