नए साल 2026 की शुरुआत में भारत ने एक बड़ा आर्थिक मुकाम हासिल कर लिया है। सरकार के सालाना आर्थिक रिव्यू और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की ताजा प्रोजेक्शंस के अनुसार, भारत ने जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का स्थान ले लिया है। भारत का नॉमिनल GDP अब करीब 4.18 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया है, जो जापान से थोड़ा आगे है। अब नजरें तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था जर्मनी पर हैं। आइए विस्तार से समझते हैं यह उपलब्धि और आगे का रास्ता।
भारत ने जापान को कैसे और कब पीछे छोड़ा?
- 2025 के अंत तक भारत का नॉमिनल GDP $4.18 ट्रिलियन पहुंच गया, जबकि जापान का करीब $4.186 ट्रिलियन रहा।
- IMF की अप्रैल 2025 और अक्टूबर 2025 की रिपोर्ट्स में भारत को 2025 में ही जापान से आगे दिखाया गया था (भारत: $4.187 ट्रिलियन, जापान: $4.186 ट्रिलियन)।
- 2026 के लिए IMF प्रोजेक्शन: भारत $4.51 ट्रिलियन, जापान $4.46 ट्रिलियन।
- कारण: भारत की ग्रोथ रेट 6.5-7% के आसपास रही, जबकि जापान की सिर्फ 0.6%। भारत में मजबूत घरेलू मांग, निवेश और सुधारों ने भूमिका निभाई।
जर्मनी को पछाड़ने में कितना समय?
- वर्तमान में जर्मनी तीसरे नंबर पर है, इसका GDP 2025 में करीब $5.0-5.3 ट्रिलियन अनुमानित है।
- भारत और जर्मनी की ग्रोथ रेट में बड़ा फर्क:
- भारत: 2025-26 में 6.2-6.7% (IMF, World Bank, RBI प्रोजेक्शन)।
- जर्मनी: 2025 में 0% या नेगेटिव, 2026 में 0.9-1.2% (ट्रेड टेंशन और स्लो रिकवरी के कारण)।
- प्रोजेक्शन:
- सरकार और IMF के अनुसार, भारत 2027-2028 तक जर्मनी को पीछे छोड़ देगा।
- 2030 तक भारत का GDP $7.3-7.5 ट्रिलियन पहुंचने का अनुमान, तब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा (अमेरिका और चीन के बाद)।
- कुछ रिपोर्ट्स में 2.5-3 साल का समय बताया गया है, यानी 2028 तक।
टॉप-5 अर्थव्यवस्थाएं (2025-26 अनुमान, नॉमिनल GDP ट्रिलियन USD में)
- अमेरिका: ~$30 ट्रिलियन+
- चीन: ~$19 ट्रिलियन
- जर्मनी: ~$5.3 ट्रिलियन
- भारत: ~$4.18-4.51 ट्रिलियन
- जापान: ~$4.46 ट्रिलियन
चुनौतियां और सावधानियां
- यह नॉमिनल GDP है (करंट प्राइस और एक्सचेंज रेट पर), PPP (परचेजिंग पावर पैरिटी) में भारत पहले से तीसरे नंबर पर है।
- प्रति व्यक्ति GDP में अभी बड़ा अंतर: भारत ~$2,900, जर्मनी ~$56,000, जापान ~$32,000।
- ग्लोबल अनिश्चितताएं (ट्रेड वॉर, टैरिफ) प्रभाव डाल सकती हैं, लेकिन भारत की घरेलू मांग मजबूत है।
यह उपलब्धि भारत की आर्थिक मजबूती का प्रमाण है। अगर यही रफ्तार रही, तो 2030 तक तीसरा स्थान पक्का लग रहा है। आगे की अपडेट्स के लिए IMF और सरकार की रिपोर्ट्स पर नजर रखें!


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