लक्जमबर्ग/नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद उत्पन्न संकट पर भारत की चिंता जताई है। लक्जमबर्ग दौरे के दौरान 6 जनवरी 2026 को जयशंकर ने कहा कि भारत हाल के घटनाक्रमों से चिंतित है और सभी पक्षों से अपील की कि वे संवाद के जरिए वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा को प्राथमिकता दें। यह अमेरिकी ऑपरेशन के बाद भारत का पहला मजबूत सार्वजनिक बयान है।
जयशंकर ने क्या कहा?
- जयशंकर ने लक्जमबर्ग में एक कार्यक्रम में कहा: “हां, हम वेनेजुएला में हो रहे घटनाक्रमों को लेकर चिंतित हैं। हम सभी पक्षों से आग्रह करते हैं कि वे बैठकर बातचीत करें और वेनेजुएला के लोगों की भलाई व सुरक्षा के हित में समाधान निकालें।”
- उन्होंने जोर दिया: “आखिरकार यही हमारी चिंता है। वेनेजुएला वह देश है, जिसके साथ हमारे कई वर्षों से बहुत अच्छे संबंध रहे हैं। हम चाहते हैं कि वहां के लोग इस संकट से सुरक्षित निकलें।”
- यह बयान लक्जमबर्ग के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री जेवियर बेटेल से मुलाकात के इतर आया।


MEA का बयान और भारतीयों की सुरक्षा
- विदेश मंत्रालय (MEA) ने 5 जनवरी को बयान जारी कर कहा: “वेनेजुएला में हाल के घटनाक्रम गहरी चिंता का विषय हैं। हम स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं। भारत वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा का समर्थन करता है।”
- MEA ने अपील की: “सभी पक्ष शांतिपूर्ण संवाद से मुद्दों का समाधान करें, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे।”
- भारतीय दूतावास काराकास में भारतीय समुदाय से संपर्क में है और हर संभव मदद मुहैया करा रहा है।
- भारतीयों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी: गैर-जरूरी यात्रा टालें, सतर्क रहें।

पृष्ठभूमि: वेनेजुएला में क्या हुआ?
- 3 जनवरी 2026 को अमेरिकी स्पेशल फोर्सेस ने काराकास में राष्ट्रपति भवन पर छापा मारा और निकोलस मादुरो व उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ले जाया।
- मादुरो पर नार्को-टेररिज्म, ड्रग तस्करी आदि आरोप। कोर्ट में उन्होंने खुद को निर्दोष बताया।
- अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज बनीं, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण।
- काराकास में प्रदर्शन, हिंसा की खबरें।


भारत-वेनेजुएला संबंध
- दोनों देशों के बीच दशकों से अच्छे संबंध, खासकर ऊर्जा क्षेत्र में (वेनेजुएला बड़ा तेल उत्पादक)।
- भारत ने कभी अमेरिकी कार्रवाई की निंदा नहीं की, बल्कि संतुलित रुख अपनाया – अमेरिका से रिश्ते बनाए रखते हुए वेनेजुएला के लोगों की चिंता।
- पूर्व राजदूत वाईके सिन्हा ने बयान को “मापा हुआ” बताया, जो भारत की द्विपक्षीय संतुलन नीति को दर्शाता है।
भारत की यह प्रतिक्रिया गैर-हस्तक्षेप और संवाद पर आधारित है। स्थिति पर नजर बनी हुई है, और भारतीय समुदाय की सुरक्षा प्राथमिकता है।

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