इस्लामाबाद/रावलपिंडी, 13 फरवरी 2026
पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई संस्थापक इमरान खान की सेहत को लेकर आज (13 फरवरी 2026) तत्काल संज्ञान लिया है। कोर्ट द्वारा नियुक्त एमिकस क्यूरी (अदालत के मित्र) बैरिस्टर सलमान सफदर ने अपनी रिपोर्ट में गंभीर खुलासा किया है कि इमरान खान की दाहिनी आंख की 85% रोशनी जा चुकी है और अब सिर्फ 15% विजन बचा है। रिपोर्ट के अनुसार, ये नुकसान अक्टूबर 2025 के बाद तेजी से हुआ, जब अडियाला जेल में सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (Central Retinal Vein Occlusion) नामक स्थिति विकसित हुई – जिसमें रेटिनल वेन में ब्लड क्लॉट बन गया और रेटिना को स्थायी क्षति पहुंची। सुप्रीम कोर्ट ने 16 फरवरी तक एक विशेष मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया है और इमरान को उनके बच्चों से फोन पर बात करने की अनुमति भी दी है।
रिपोर्ट के मुख्य बिंदु (एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट से)
- विजन की स्थिति:
- अक्टूबर 2025 तक दोनों आंखों में विजन 6/6 (पूर्ण) था।
- नवंबर 2025 से ब्लर्ड विजन की शिकायत शुरू हुई।
- जनवरी 2026 तक दाहिनी आंख में विजन 6/60 से भी कम रह गया (कानूनी रूप से आंशिक अंधापन)।
- वर्तमान में दाहिनी आंख में 85% स्थायी नुकसान; बाईं आंख अभी सामान्य (6/9)।
- कारण:
- सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन – ब्लड क्लॉट से रेटिना में ऑक्सीजन की कमी।
- रिपोर्ट में कहा गया कि अगर 4-6 हफ्ते के अंदर इलाज (एंटी-VEGF इंजेक्शन) मिलता तो 70-80% विजन बच सकती थी।
- जेल प्रशासन ने शिकायत के 3 महीने बाद ही PIMS अस्पताल में जांच कराई।
- अन्य स्वास्थ्य मुद्दे:
- इमरान ने वकील को बताया कि जेल में एकांतवास (solitary confinement), खराब रोशनी, और मेडिकल सुविधाओं की कमी से हालत बिगड़ी।
- उच्च रक्तचाप और डायबिटीज जैसी पुरानी बीमारियां भी रिपोर्ट में उल्लेखित।
- पीटीआई का दावा: जेल में जानबूझकर इलाज में देरी की गई।
- पीटीआई नेताओं के बयान:
- सोहेल अफरीदी (पीटीआई नेता): “इमरान की आंखें अंधी हो रही हैं, अगर ये सच हुआ तो पूरा पाकिस्तान अंधा हो जाएगा।”
- अकबर एस खान: “ये राजनीतिक हत्या का प्रयास है। सरकार जवाब दे!”
सुप्रीम कोर्ट का आदेश (13 फरवरी 2026)
- मेडिकल बोर्ड: 16 फरवरी तक नेत्र रोग विशेषज्ञों की टीम बनाकर इमरान की पूरी जांच। रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी।
- परिवार से संपर्क: इमरान को उनके बच्चों (लंदन में रहने वाले कासिम और सुलेमान) से फोन पर बात करने की अनुमति।
- अगली सुनवाई: 18 फरवरी को रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई।
- जेल प्रशासन को नोटिस: अडियाला जेल सुपरिंटेंडेंट को कारण बताओ नोटिस जारी।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
- पीटीआई: पार्टी ने पूरे पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन और सिट-इन की धमकी दी। सोशल मीडिया पर #SaveImranKhan और #JusticeForImran ट्रेंड कर रहे हैं।
- सरकार: पंजाब सरकार और जेल प्रशासन ने कहा कि इमरान को हर संभव मेडिकल सुविधा दी जा रही है। कोई आधिकारिक बयान नहीं आया।
- मानवाधिकार संगठन: Amnesty International और Human Rights Watch ने जांच की मांग की है।
- अंतरराष्ट्रीय मीडिया: BBC, Al Jazeera और Reuters ने इसे “मानवाधिकार उल्लंघन” का मामला बताया।
ये खुलासा पाकिस्तान की राजनीति में नया तूफान ला सकता है। इमरान खान की सेहत अब राजनीतिक हथियार बन चुकी है – क्या कोर्ट का फैसला सरकार को झुकाएगा या पीटीआई आंदोलन तेज करेगी?


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