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"If not removed by January 12...!" – The threat of bulldozers looms over 8 houses in Sambhal, what secret is hidden on the 1700 square meters of government land?

“12 जनवरी तक नहीं हटाए तो…!” – संभल में 8 मकानों पर बुलडोजर की तलवार लटकी, 1700 वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर क्या छिपा है राज़?

संभल (उत्तर प्रदेश): यूपी के संभल जिले में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन की मुहिम तेज हो गई है। नवीनतम विकास में, सिरसी (या संबंधित क्षेत्र) में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने 8 मकानों को हटाने के लिए राजस्व विभाग ने नोटिस जारी किए हैं। इन मकानों को 12 जनवरी 2026 तक स्वयं हटाने या हटवाने की चेतावनी दी गई है, अन्यथा बुलडोजर एक्शन की कार्रवाई की जाएगी। यह कब्जा कुल 1700 वर्ग मीटर भूमि पर है, जो खाद के गड्ढे और ग्राम समाज के लिए आरक्षित बताई जा रही है।

घटना का विवरण

  • कब और कैसे हुआ कब्जा? ये मकाने सरकारी भूमि पर लंबे समय से बने हुए हैं। लेखपाल पुष्पेंद्र कुमार के अनुसार, भूमि का उपयोग खाद के गड्ढे और ग्राम समाज की सामान्य जरूरतों के लिए आरक्षित है। अवैध निर्माण के कारण यह भूमि अब निवास के लिए इस्तेमाल हो रही है।
  • पैमाइश और नोटिस: गुरुवार (8 जनवरी 2026) को राजस्व टीम ने इन 8 मकानों की पैमाइश की। माप के बाद निवासियों में हड़कंप मच गया। टीम ने तुरंत नोटिस चस्पा किए, जिसमें 12 जनवरी तक निर्माण हटाने का समय दिया गया है।
  • अगर न हटाए तो क्या? प्रशासन ने साफ कहा है कि समयसीमा बीतने पर बुलडोजर से अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए जाएंगे। यह कार्रवाई संभल में हाल के बुलडोजर अभियानों का हिस्सा है, जहां सरकारी जमीन (तालाब, कब्रिस्तान, गरीबों के लिए आरक्षित भूमि) से कब्जे हटाए जा रहे हैं।

संभल में चल रही बड़ी मुहिम

संभल जिले में जनवरी 2026 की शुरुआत से ही अवैध कब्जों पर नॉन-स्टॉप बुलडोजर एक्शन चल रहा है:

  • तालाब की जमीन: राया बुजुर्ग गांव में 880 वर्ग मीटर तालाब भूमि पर बने मस्जिद और 3 मकानों के अवैध हिस्से ध्वस्त किए गए (6 जनवरी)।
  • मस्जिद और मदरसा: सलेमपुर सालार (हाजीपुर) में 1339 वर्ग मीटर सरकारी जमीन पर बनी मदीना मस्जिद और मदरसा को 4 जनवरी से पहले ही समुदाय ने खुद ढहा दिया, प्रशासन ने डेब्री हटाई।
  • कब्रिस्तान भूमि: शाही जामा मस्जिद के पास 8 बीघा कब्रिस्तान भूमि पर 22 मकान-दुकानों की पैमाइश हुई, 48 लोगों को नोटिस जारी (दिसंबर 2025-जनवरी 2026)।
  • जुर्माना: हाल ही में 6 संपत्तियों पर 75 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना लगाया गया, जिसमें मस्जिद और मदरसा शामिल हैं।

ये कार्रवाइयां DM राजेंद्र पेंसिया और तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में हो रही हैं। प्रशासन का कहना है कि ये कदम वर्षों पुराने अतिक्रमण और पर्यावरणीय नुकसान को रोकने के लिए हैं। कई मामलों में पहले नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन अनुपालन न होने पर सख्ती बरती जा रही है।

प्रभाव और प्रतिक्रियाएं

  • स्थानीय निवासियों में दहशत: कई परिवार प्रभावित हो सकते हैं, खासकर जहां मकान परिवारों के लिए हैं।
  • राजनीतिक नजरिया: ये कार्रवाइयां संभल में हाल के विवादों (मस्जिद सर्वे, हिंसा) के बाद आई हैं, इसलिए कुछ इसे लक्षित कार्रवाई मान रहे हैं, जबकि प्रशासन इसे “कानून का पालन” बता रहा है।
  • आगे क्या? 12 जनवरी तक अगर मकान नहीं हटाए गए, तो बुलडोजर फिर दौड़ेगा। प्रशासन ने कहा है कि कब्जा मुक्त भूमि गरीबों को आवंटित की जाएगी।

यह मामला संभल में सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराने की बड़ी मुहिम का हिस्सा है, जहां बुलडोजर लगातार सक्रिय है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है, कोई बदलाव होने पर नई जानकारी आएगी।

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