वाशिंगटन/बोगोटा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो के बीच हाल के दिनों में तेज हुआ तनाव अचानक नरम पड़ गया है। कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने पेत्रो पर कोकीन तस्करी का आरोप लगाते हुए सैन्य कार्रवाई की धमकी दी थी, लेकिन 7 जनवरी 2026 को दोनों नेताओं के बीच फोन पर बात हुई और ट्रंप ने पेत्रो को व्हाइट हाउस आने का न्योता दे दिया। यह बदलाव वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप के बाद उपजे विवाद के बीच आया है।
विवाद की शुरुआत
- पृष्ठभूमि: जनवरी 2026 की शुरुआत में अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिया और सत्ता परिवर्तन किया। इसके बाद ट्रंप ने कोलंबिया को “बीमार देश” करार दिया और पेत्रो को “बीमार आदमी जो कोकीन बनवाता और अमेरिका बेचता है” कहा।
- धमकी: 5 जनवरी 2026 को एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कोलंबिया पर सैन्य कार्रवाई की संभावना जताई। उन्होंने कहा कि कोलंबिया “बहुत बीमार” है और वहां सैन्य एक्शन “अच्छा लगता है”।
- इसके अलावा, पहले डिपोर्टेशन फ्लाइट्स को कोलंबिया ने रोकने पर ट्रंप ने टैरिफ और वीजा प्रतिबंध की धमकी दी थी (हालांकि यह पुराना विवाद था)।
- पेत्रो का जवाब: कोलंबिया के वामपंथी राष्ट्रपति पेत्रो ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने X पर पोस्ट किया कि अमेरिकी धमकी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। पेत्रो ने कहा, “अगर अमेरिका आक्रमण करेगा तो मैं फिर हथियार उठा लूंगा” (उन्होंने पहले गोरिल्ला फाइटर के रूप में जीवन जिया था)। कोलंबियाई सेना को आदेश दिया कि अमेरिका के पक्ष में कोई कमांडर काम न करे। देशभर में अमेरिका विरोधी प्रदर्शन हुए।
टर्नअराउंड: फोन कॉल और न्योता
- 7 जनवरी 2026: दोनों नेताओं के बीच पहली फोन बातचीत हुई, जो करीब एक घंटे चली।
- ट्रंप ने Truth Social पर पोस्ट किया: “कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेत्रो से बात करना सम्मान की बात थी। उन्होंने ड्रग्स की स्थिति और अन्य मतभेदों की व्याख्या की। हम जल्द व्हाइट हाउस में मिलेंगे।”
- ट्रंप ने बातचीत को “फ्रेंडली” और पेत्रो के लहजे की तारीफ की।
- कोलंबिया के विदेश मंत्रालय ने इसे “अच्छी मीटिंग” बताया और रचनात्मक संवाद का स्वागत किया।
- पेत्रो ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने ट्रंप से वेनेजुएला और ड्रग्स के मुद्दे पर बात की।
मुख्य मुद्दे
- ड्रग तस्करी: ट्रंप का मुख्य आरोप कि कोलंबिया से अमेरिका में कोकीन की सप्लाई बढ़ रही है।
- वेनेजुएला हस्तक्षेप: पेत्रो ने अमेरिकी एक्शन की आलोचना की, जबकि ट्रंप इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए जरूरी बताते हैं।
- डिपोर्टेशन और टैरिफ: पुराना विवाद, जहां कोलंबिया ने कुछ डिपोर्टी फ्लाइट्स रोकी थीं, जिस पर ट्रंप ने आर्थिक प्रतिबंध की धमकी दी।
- विशेषज्ञों का कहना: यह कूटनीतिक डी-एस्केलेशन है, ताकि लैटिन अमेरिका में अमेरिकी प्रभाव बना रहे।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
- अमेरिका: व्हाइट हाउस ने इसे “मतभेद सुलझाने की दिशा” बताया।
- कोलंबिया: विपक्ष ने पेत्रो पर नरम पड़ने का आरोप लगाया, जबकि समर्थक इसे संप्रभुता की जीत बता रहे।
- वैश्विक मीडिया: रॉयटर्स, अल जजीरा, NYT आदि ने इसे ट्रंप की “अचानक पलटी” करार दिया। कुछ ने चिंता जताई कि यह क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा सकता है।
- लैटिन अमेरिका के अन्य देश सतर्क, क्योंकि ट्रंप ने क्यूबा आदि पर भी संकेत दिए।
वर्तमान स्थिति
- मुलाकात की तारीफ अभी तय नहीं, लेकिन जल्द होने की उम्मीद।
- कोलंबिया में प्रदर्शन शांत हुए, लेकिन तनाव बना हुआ है।
- यह घटना ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की आक्रामक विदेश नीति का उदाहरण है, जो अब कूटनीति की ओर मुड़ रही लगती है।
यह ड्रामेटिक बदलाव लैटिन अमेरिका-अमेरिका संबंधों में नया अध्याय खोल सकता है।


More Stories
तेहरान जल रहा है: रियाल की गिरावट से शुरू हुआ प्रदर्शन अब इस्लामी गणराज्य के खिलाफ खुली जंग में बदला
ताइवान तनाव की आग में घी: चीन ने जापान को दिया घातक झटका… अब युद्ध की उल्टी गिनती शुरू?
ट्रंप का हाउसिंग बम: बड़े निवेशकों पर घर खरीदने की रोक, लेकिन ओपनडोर CEO क्यों कर रहे समर्थन… छिपा है कौन सा खेल?