कोलकाता, 14 फरवरी 2026
पश्चिम बंगाल में आगामी पंचायत चुनावों (2026) और लोकसभा चुनावों की तैयारियों के बीच चुनाव आयोग (ECI) ने सख्त कार्रवाई की है। चुनाव आयोग ने राज्य के 7 सरकारी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। ये अधिकारी विभिन्न जिलों में मतदाता सूची संशोधन, बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) ट्रेनिंग और चुनावी तैयारियों में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड किए गए हैं।
सस्पेंड किए गए अधिकारियों के नाम और कारण
चुनाव आयोग की रिपोर्ट और राज्य सरकार के आदेश के अनुसार, ये अधिकारी हैं:
- जिला निर्वाचन अधिकारी (DM), उत्तर 24 परगना – मतदाता सूची संशोधन में देरी और BLO रिपोर्ट्स की जांच न करने का आरोप।
- अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM), दक्षिण 24 परगना – बूथ लेवल ऑफिसर ट्रेनिंग में अनियमितता और फर्जी अटेंडेंस का मामला।
- ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO), हावड़ा – मतदाता सूची अपडेट में गड़बड़ी और घर-घर सर्वे न करने का आरोप।
- असिस्टेंट इलेक्शन ऑफिसर (AEO), नादिया – डेटा एंट्री में गलतियां और रिपोर्ट्स में फर्जीवाड़ा।
- तहसीलदार, पुरुलिया – BLO की ड्यूटी में लापरवाही और चुनावी सामग्री वितरण में देरी।
- असिस्टेंट इंजीनियर, मालदा – चुनावी बूथों के लिए बिजली और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में लापरवाही।
- सब-डिविजनल ऑफिसर (SDO), बीरभूम – मतदाता सूची सत्यापन में अनियमितता और रिपोर्ट्स में छेड़छाड़ का आरोप।
चुनाव आयोग का एक्शन और कारण
- चुनाव आयोग ने फरवरी 2026 की शुरुआत में राज्य के सभी जिलों में स्पेशल ऑडिट और सर्विलांस टीम भेजी थी।
- ऑडिट में पाया गया कि कई जिलों में BLO ने घर-घर जाकर मतदाता सूची अपडेट नहीं की, फर्जी रिपोर्ट्स दाखिल कीं, और ट्रेनिंग में अनुपस्थिति दर्ज की गई।
- EC ने इसे “चुनावी प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही” माना और राज्य सरकार को सख्त कार्रवाई के आदेश दिए।
- मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा: “चुनावी प्रक्रिया में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी जनता के अधिकारों के प्रति जवाबदेह हैं।”
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
- TMC का रुख: तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि ये कार्रवाई “चुनाव आयोग की निष्पक्षता” पर सवाल उठाती है। पार्टी प्रवक्ता कुणाल घोष ने कहा: “EC BJP के इशारे पर काम कर रहा है।”
- BJP का समर्थन: भाजपा ने EC के फैसले का स्वागत किया। प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा: “लापरवाही करने वालों को सजा मिलनी चाहिए। TMC सरकार चुनावी धांधली कर रही थी।”
- कांग्रेस और CPI(M): दोनों पार्टियों ने EC की कार्रवाई को “जरूरी” बताया लेकिन TMC पर भी सवाल उठाए।
आगे क्या?
- सस्पेंड अधिकारियों पर विभागीय जांच चलेगी।
- EC ने सभी जिलों में नई BLO लिस्ट तैयार करने और ट्रेनिंग फिर से कराने के आदेश दिए हैं।
- पंचायत चुनावों की अधिसूचना मार्च 2026 में आने की संभावना है।
ये एक्शन पश्चिम बंगाल में चुनावी तैयारियों में सख्ती का संकेत है। क्या ये TMC सरकार पर दबाव बढ़ाएगा या विपक्ष को फायदा पहुंचाएगा?


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