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Crisis casts shadow on Nepal border: Violence erupts over insult to sacred text, next threat lurks amid curfew

नेपाल सीमा पर छाया संकट: पवित्र ग्रंथ अपमान से भड़की हिंसा, कर्फ्यू के बीच छिपा है अगला खतरा

नेपाल के भारत से सटे सीमावर्ती शहर बीरगंज (परसा जिला, मधेश प्रदेश) में जनवरी 2026 की शुरुआत में धार्मिक तनाव बढ़ गया है। यह विवाद धनुषा जिले के कमला नगरपालिका-6 के सखुवा मदन क्षेत्र में एक मस्जिद में तोड़फोड़ और कुरान की प्रतिलिपि जलाने की घटना से शुरू हुआ। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मुस्लिम समुदाय में आक्रोश फैल गया, जिससे बीरगंज में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रहे, जिसमें पुलिस पर पथराव हुआ और स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख प्रशासन ने शहर के प्रमुख हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया।

घटना की शुरुआत: क्या हुआ?

  • मूल घटना: 3 जनवरी 2026 (शनिवार) को धनुषा जिले में अज्ञात व्यक्तियों ने एक मस्जिद में तोड़फोड़ की और कुरान की एक प्रति जला दी। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, यह प्रतिक्रिया में हुआ क्योंकि दो मुस्लिम युवकों (हैदर अंसारी और अमानत अंसारी) ने टिकटॉक पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें हिंदू धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले कथित बयान थे। इन युवकों को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
  • वीडियो वायरल होने से तनाव फैला। मुस्लिम समुदाय ने इसे अपमान माना, जबकि कुछ हिंदू समूहों ने मूल टिकटॉक वीडियो का विरोध किया।

प्रदर्शन और हिंसा

  • पहला दिन (4 जनवरी, रविवार): बीरगंज में मुस्लिम समुदाय के लोग सड़कों पर उतरे। टायर जलाए गए, नारे लगाए गए और कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शन शांतिपूर्ण शुरू हुए लेकिन कुछ जगहों पर तनावपूर्ण हो गए।
  • दूसरा दिन (5 जनवरी, सोमवार): प्रदर्शन और तेज हो गए। दोनों समुदायों (मुस्लिम और हिंदू) के लोग सड़कों पर उतरे। छपकैया और मुरली जैसे इलाकों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। पुलिस पर पथराव किया गया, एक पुलिस पोस्ट में तोड़फोड़ हुई। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और करीब दो दर्जन लोगों को हिरासत में लिया।
  • प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए, सड़कें ब्लॉक कीं और नारे लगाए। स्थिति बिगड़ने पर दोनों पक्षों के प्रदर्शन एक साथ होने लगे।

कर्फ्यू और प्रशासनिक कार्रवाई

  • सोमवार दोपहर से निषेधाज्ञा (प्रोहिबिटरी ऑर्डर) लागू की गई, जिसमें सभाएं, जुलूस और प्रदर्शन प्रतिबंधित किए गए।
  • शाम 6 बजे से सुबह 8 बजे तक पूर्ण कर्फ्यू लगा दिया गया (5 जनवरी शाम से 6 जनवरी सुबह तक)।
  • 6 जनवरी को स्थिति नियंत्रण में न आने पर कर्फ्यू दोपहर 1 बजे तक बढ़ा दिया गया। कर्फ्यू क्षेत्र: पूर्व में बस पार्क, पश्चिम में सिरसिया ब्रिज, उत्तर में पावर हाउस चौक, दक्षिण में शंकराचार्य गेट।
  • स्थानीय प्रशासन अधिनियम 2028 की धारा 6(ए) के तहत यह आदेश जारी किया गया। सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है।

वर्तमान स्थिति (6 जनवरी 2026 तक)

  • शहर में तनाव बना हुआ है, लेकिन कर्फ्यू के कारण बड़े प्रदर्शन रुके हुए हैं।
  • प्रशासन ने शांति की अपील की है और जांच जारी है। सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलने से स्थिति और बिगड़ी।
  • भारत-नेपाल सीमा पर भी अलर्ट बढ़ा दिया गया है, क्योंकि बीरगंज रक्सौल (बिहार) से सटा हुआ है।

यह घटना सोशल मीडिया की भूमिका को उजागर करती है, जहां एक वीडियो ने धार्मिक भावनाओं को भड़काकर सांप्रदायिक तनाव पैदा कर दिया। दोनों समुदायों के नेताओं से संयम बरतने की अपील की जा रही है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है, और यदि आवश्यक हुआ तो कर्फ्यू आगे बढ़ाया जा सकता है।

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