हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में 29 जुलाई की सुबह भीषण बादल फटने और अचानक आई बाढ़ ने व्यापक विनाश किया है। इस आपदा में अब तक 4 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक महिला अभी भी लापता है। घटना के बाद से राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी हैं।
घटना का मुख्य ब्यौरा
- समय व स्थान: मंडी शहर के जेल रोड, स्याही और आसपास के इलाकों में सुबह करीब 4 बजे अचानक बाढ़ आ गई।
- कारण: भारी बारिश और संभावित बादल फटने के कारण पहाड़ी ढलानों से मलबा, पानी और कीचड़ नीचे बह आया।
- तबाही का स्तर:
- 50 से अधिक वाहन मलबे में दब गए।
- कई घरों को भारी नुकसान, कुछ पूरी तरह ध्वस्त।
- सड़कें और बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित।
राहत और बचाव अभियान
- एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय टीमें लगातार काम कर रही हैं।
- ड्रोन और स्निफर डॉग्स की मदद से लापता लोगों को ढूंढने का प्रयास जारी।
- प्रभावितों को राहत शिविरों में आश्रय और भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्रशासन और नेताओं की प्रतिक्रिया
- मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने घटनास्थल का दौरा कर तत्काल राहत उपायों की घोषणा की।
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
मौसम की चेतावनी
- आईएमडी ने हिमाचल के कई जिलों में आगे भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
- लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है।
कैसे मदद कर सकते हैं?
- स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत कोष में योगदान की अपील की गई है।
- स्वयंसेवक संगठनों के माध्यम से भी सहायता की जा सकती है।
अधिक जानकारी के लिए हमारे साथ बने रहें।


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