महाराष्ट्र के ठाणे जिले में स्थित अंबरनाथ नगर परिषद में 6-7 जनवरी 2026 को एक चौंकाने वाला राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। राज्य में सत्ता साझा करने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी सहयोगी एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को दरकिनार कर कांग्रेस और अजित पवार गुट की NCP के साथ गठबंधन कर लिया। इस गठबंधन से शिंदे गुट सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद सत्ता से बाहर हो गया, जबकि BJP की उम्मीदवार तेजश्री करंजुले नगराध्यक्ष (प्रेसिडेंट) चुनी गईं।
यह मामला महायुति गठबंधन (BJP-शिंदे सेना-अजित NCP) में तनाव पैदा कर रहा है, क्योंकि अंबरनाथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का गढ़ माना जाता है और उनके बेटे डॉ. श्रीकांत शिंदे यहां से सांसद हैं।
चुनाव परिणाम और गठबंधन की कहानी
दिसंबर 2025 में हुए नगर परिषद चुनाव में कुल 60 सीटें थीं (कुछ स्रोतों में 59 का जिक्र)। परिणाम इस प्रकार रहे:
| पार्टी | सीटें |
|---|---|
| शिवसेना (शिंदे गुट) | 27 |
| BJP | 14-16 |
| कांग्रेस | 12 |
| NCP (अजित पवार गुट) | 4 |
| निर्दलीय/अन्य | 2-3 |
- शिंदे गुट सबसे बड़ी पार्टी बना, लेकिन बहुमत (31) से थोड़ा पीछे रह गया।
- BJP ने पोस्ट-पोल गठबंधन बनाया: अंबरनाथ विकास अघाड़ी नाम से BJP (14-16) + कांग्रेस (12) + NCP अजित (4) + निर्दलीय (1-2) = कुल 32 सीटें।
- इस गठबंधन से BJP की तेजश्री करंजुले ने शिंदे गुट की मनीषा वालेकर को हराकर नगराध्यक्ष पद जीता।
क्यों हुआ यह गठबंधन?
- BJP का दावा: शिंदे गुट के साथ कई बार महायुति गठबंधन की बात हुई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। स्थानीय स्तर पर शिंदे गुट पर “25 साल के भ्रष्टाचार और डर के माहौल” का आरोप लगाते हुए विकास के नाम पर यह अघाड़ी बनी।
- कांग्रेस पार्षदों का तर्क: शिंदे गुट के कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुटता।
प्रतिक्रियाएं और विवाद
- शिंदे गुट: विधायक बालाजी किनिकर ने इसे “अभद्र युति” और “विश्वासघात” बताया। कहा – “कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा लगाने वाली BJP अब कांग्रेस से हाथ मिला रही है।”
- श्रीकांत शिंदे: “यह सवाल पूरी तरह BJP नेतृत्व से पूछें। हमारा फोकस विकास पर है।”
- कांग्रेस हाईकमान: गठबंधन को अस्वीकार करते हुए अंबरनाथ के 12 पार्षदों और ब्लॉक अध्यक्ष प्रदीप पाटिल को निलंबित कर दिया। ब्लॉक कमेटी भंग। पार्टी ने कहा – “BJP से किसी स्तर पर गठबंधन बर्दाश्त नहीं।”
- CM देवेंद्र फडणवीस: “यह अस्वीकार्य है। स्थानीय नेताओं की अनुशासनहीनता, गठबंधन तोड़ा जाएगा और कार्रवाई होगी।”
- विपक्ष (उद्धव गुट, संजय राउत): BJP की “डबल स्टैंडर्ड” पर हमला। कहा – “सत्ता के लिए कुछ भी!”
क्यों है यह बड़ा झटका?
- अंबरनाथ शिंदे परिवार का मजबूत क्षेत्र है।
- राज्य में महायुति सरकार है, लेकिन स्थानीय निकायों में अलग-अलग लड़ाई और ऐसे गठबंधन महागठबंधन में दरार दिखा रहे हैं।
- BMC चुनाव 2026 से पहले यह घटना महाराष्ट्र की सियासत में नई हलचल पैदा कर रही है।
यह घटना साबित करती है कि “राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं” – दुश्मन और दोस्त बदलते रहते हैं, खासकर सत्ता की कुर्सी के लिए!


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