वाशिंगटन डीसी/यरूशलम, 13 फरवरी 2026
इस्रायल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने 11 फरवरी 2026 को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से मुलाकात की। ये बैठक अचानक तय की गई थी और करीब 2.5 से 3 घंटे चली। बैठक मुख्य रूप से ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर अमेरिका की नई बातचीत, गाजा में युद्धविराम की प्रगति और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव पर केंद्रित रही। नेतन्याहू ने बैठक के बाद कहा कि ट्रंप को लगता है कि ईरान के साथ “अच्छा डील” संभव है, लेकिन वे खुद इस पर संशय में हैं। ट्रंप ने बैठक को “बहुत अच्छी” बताया और कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी रहेगी, लेकिन कोई निर्णायक नतीजा नहीं निकला।
बैठक के मुख्य पॉइंट्स
- ईरान न्यूक्लियर डील: ट्रंप ने जोर दिया कि ईरान के साथ बातचीत जारी रखी जाएगी, लेकिन अगर डील नहीं हुई तो “समय खत्म हो रहा है” और अमेरिका कार्रवाई कर सकता है। नेतन्याहू ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम और उसके प्रॉक्सी ग्रुप्स (जैसे हिजबुल्लाह, हमास) पर सख्ती की मांग की। बैठक से ठीक पहले ओमान में अमेरिका-ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत हुई थी।
- गाजा और ‘Board of Peace’: नेतन्याहू ने ट्रंप के “Board of Peace” इनिशिएटिव में इस्रायल की सदस्यता पर हस्ताक्षर किए। ये बोर्ड गाजा के पुनर्निर्माण पर फोकस करेगा। पहली मीटिंग 19 फरवरी को वाशिंगटन में होगी।
- बैठक की खासियत: बैठक ओवल ऑफिस में बंद कमरे में हुई, कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस या जॉइंट स्टेटमेंट नहीं। सिर्फ एक हैंडशेक फोटो जारी हुई। नेतन्याहू साइड एंट्री से आए। ये ट्रंप के दूसरे टर्म में नेतन्याहू की छठी व्हाइट हाउस विजिट थी (कुल 7 मुलाकातें, एक इस्रायल में)।
- ट्रंप का बयान: ट्रंप ने कहा, “बहुत अच्छी बैठक थी, दोनों देशों के बीच संबंध शानदार हैं। ईरान के साथ बातचीत जारी रहेगी।” उन्होंने “nothing definitive” कहा, लेकिन प्रोग्रेस पर जोर दिया।
- नेतन्याहू का बयान: जॉइंट बेस एंड्र्यूज पर वापसी से पहले नेतन्याहू ने कहा, “ट्रंप को लगता है कि ईरान को अच्छा डील मानना पड़ेगा, लेकिन मैं संशयी हूं।” उन्होंने ट्रंप को “हमारा महान दोस्त” कहा।
बैकग्राउंड और महत्व
- ये मुलाकात ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच हुई, जहां अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अतिरिक्त मिलिट्री फोर्स (एयरक्राफ्ट कैरियर ग्रुप) तैनात किया है।
- नेतन्याहू ने यात्रा को आगे बढ़ाया क्योंकि ईरान के साथ बातचीत तेज हो रही है।
- इस्रायल में चुनाव नजदीक हैं, और ट्रंप का सपोर्ट नेतन्याहू के लिए महत्वपूर्ण है।
- बैठक से कोई बड़ा ब्रेकथ्रू नहीं निकला, लेकिन दोनों नेताओं के बीच मजबूत तालमेल दिखा।
ये मुलाकात मिडिल ईस्ट की राजनीति में ट्रंप की “अमेरिका फर्स्ट” नीति और इस्रायल के साथ उनके करीबी रिश्ते को फिर से उजागर करती है। आगे क्या होगा – ईरान डील या टकराव?


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