नई दिल्ली, 10 फरवरी 2026: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अंबानी की पत्नी टीना अंबानी को मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में पूछताछ के लिए नया समन जारी करने की तैयारी कर ली है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। टीना अंबानी को सोमवार (9 फरवरी) को ED के समक्ष पेश होना था, लेकिन वे जांच एजेंसी के सामने नहीं पहुंचीं। अब एजेंसी उन्हें जल्द ही दोबारा तलब करेगी।
मामले की पृष्ठभूमि और जांच का दायरा
यह जांच अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) से जुड़े कथित बैंक फ्रॉड और वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है, जिसमें कुल राशि लगभग 40,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है। ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत अब तक तीन ECIR (Enforcement Case Information Report) दर्ज की हैं, जो FIR के समकक्ष होती हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ED ने इस मामले में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) भी गठित की है। जांच में ADAG की कई कंपनियां, बैंक लोन ट्रांजेक्शन और संदिग्ध फंड ट्रांसफर शामिल हैं। पिछले साल से ED अनिल अंबानी और उनकी ग्रुप कंपनियों की जांच कर रही है। अनिल अंबानी से भी ED ने पहले पूछताछ की थी।
टीना अंबानी को क्यों बुलाया गया?
सूत्रों के अनुसार, टीना अंबानी (68 वर्षीय, पूर्व अभिनेत्री) से पूछताछ का मुख्य फोकस न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में एक लग्जरी कॉन्डोमिनियम की खरीद से जुड़े धन के संदिग्ध लेन-देन पर है। जांच एजेंसी इस प्रॉपर्टी खरीद में इस्तेमाल हुए फंड्स के स्रोत और मनी ट्रेल की जांच कर रही है, जो कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हो सकता है।
ED के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “टीना अंबानी को उनके बयान दर्ज करने के लिए बुलाया गया था, लेकिन वे पेश नहीं हुईं। अब नया समन जारी किया जाएगा, संभवतः अगले हफ्ते या उसके बाद।”
राजनीतिक और कॉर्पोरेट प्रभाव
यह घटनाक्रम अनिल अंबानी ग्रुप के लिए मुश्किलें बढ़ा रहा है। ग्रुप पर पहले से ही कई बैंक फ्रॉड केस चल रहे हैं, जिसमें संपत्तियां जब्त करने की कार्रवाई भी हुई है (करीब 12,000 करोड़ की संपत्ति ED द्वारा अटैच की गई है)। CBI को भी कुछ मामलों में जांच के निर्देश दिए गए हैं।
रिलायंस ग्रुप की ओर से अभी तक इस नए समन पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। टीना अंबानी या उनके प्रतिनिधियों ने भी इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।
आगे क्या?
ED का कहना है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और सभी संबंधित पक्षों से बयान दर्ज किए जाएंगे। यदि टीना अंबानी फिर से पेश नहीं होतीं, तो एजेंसी PMLA के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई कर सकती है, जिसमें कोर्ट से कोऑपरेशन सुनिश्चित करने की मांग शामिल हो सकती है।
यह मामला अब कॉर्पोरेट इंडिया में बड़े फाइनेंशियल स्कैंडल्स की श्रृंखला का हिस्सा बन चुका है, जहां ED और अन्य एजेंसियां सख्ती से जांच कर रही हैं। आगे की जांच से और खुलासे हो सकते हैं।


More Stories
SIR में कोई रुकावट नहीं बर्दाश्त! सुप्रीम कोर्ट ने ममता सरकार को सख्त चेतावनी दी, डेडलाइन एक हफ्ते बढ़ाई – DGP को हलफनामा जमा करने का आदेश
कानपुर बैंक वायरल वीडियो: ‘मैं ठाकुर हूं’ वाली पूरी कहानी – अधूरा क्लिप, धमकी और बदले की साजिश?
अप्रैल 2027 से ITR अब ‘एक क्लिक’ का खेल! पहले से भरा फॉर्म मिलेगा, PAN नियमों में बड़ा बदलाव – क्या आप तैयार हैं?