ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका से बढ़ते तनाव के बीच एक मजबूत संदेश दिया है: “ईरान की असली ताकत हथियारों में नहीं, जनता की एकजुटता में है”। यह बयान 9 फरवरी 2026 को टेलीवाइज्ड संदेश में आया, जो 1979 की इस्लामिक क्रांति की 47वीं वर्षगांठ (22 बहमन, यानी 11 फरवरी 2026) से ठीक पहले जारी किया गया। खामेनेई ने ईरानियों से रैलियों और मार्च में बड़े पैमाने पर शामिल होने की अपील की, ताकि देश की इच्छाशक्ति और दृढ़ता दिखाई दे और “दुश्मन निराश” हो।
संदेश का पूरा संदर्भ और मुख्य पॉइंट्स
खामेनेई ने कहा:
- राष्ट्रीय शक्ति मुख्य रूप से मिसाइलों, हथियारों या विमानों पर नहीं टिकी है, बल्कि जनता की इच्छा, दृढ़ता और एकजुटता पर टिकी है।
- “जब तक दुश्मन निराश नहीं होता, राष्ट्र उत्पीड़न का शिकार होता रहता है। दुश्मन को निराश होना ही होगा।”
- उन्होंने उम्मीद जताई कि इस साल की क्रांति वर्षगांठ अन्य राष्ट्रों, सरकारों और शक्तियों को ईरानी लोगों के प्रति विनम्रता और सम्मान दिखाने के लिए मजबूर करेगी।
- ईरानी जनता को सड़कों पर निकलकर अपनी जीवंतता और ताकत दिखाने का आह्वान किया, जो दुनिया के सामने ईरान की इच्छाशक्ति का प्रदर्शन होगा।
- यह संदेश अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच आया है, जहां अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी मिलिट्री बिल्डअप (नौसेना, एयरक्राफ्ट कैरियर) बढ़ाई है, और ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर सैन्य हमले की धमकी दी है (खासकर परमाणु कार्यक्रम और आंतरिक दमन पर)।
अमेरिका-ईरान तनाव का बैकग्राउंड
- ओमान में अप्रत्यक्ष बातचीत: 7-8 फरवरी 2026 को ओमान के मस्कट में ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते पर अप्रत्यक्ष वार्ता हुई, लेकिन कोई बड़ा ब्रेकथ्रू नहीं हुआ। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसे “अच्छी शुरुआत” बताया, लेकिन खामेनेई ने साफ कहा कि अमेरिका के साथ सहयोग तभी संभव है जब वह इजरायल का समर्थन बंद करे और क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी कम करे।
- अमेरिका की धमकी: ट्रंप ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है, अगर ईरान परमाणु क्षमता बढ़ाता है या विरोध प्रदर्शनों पर हिंसक दमन जारी रखता है। अमेरिका ने USS Abraham Lincoln जैसे एयरक्राफ्ट कैरियर को अरब सागर में तैनात किया है।
- ईरान की स्थिति: खामेनेई ने कहा कि ईरान आक्रमण की शुरुआत नहीं करेगा, लेकिन अगर हमला हुआ तो क्षेत्रीय युद्ध छिड़ जाएगा। उन्होंने जनता की एकजुटता को सबसे बड़ा हथियार बताया, जो सैंक्शंस, दबाव और बाहरी साजिशों का मुकाबला कर सकती है।
- क्रांति वर्षगांठ का महत्व: 11 फरवरी को बड़े पैमाने पर रैलियां होंगी, जहां खामेनेई ने “दुश्मन को निराश करने” का लक्ष्य रखा है। यह ईरान की आंतरिक एकता दिखाने का मौका है, खासकर जब हाल के वर्षों में आर्थिक संकट और विरोध प्रदर्शनों से चुनौतियां बढ़ी हैं।
प्रभाव और विश्लेषण
- यह संदेश ईरान की रणनीति को दर्शाता है: मिलिट्री पावर (जैसे बैलिस्टिक मिसाइल्स, ड्रोन) के अलावा जनता की सपोर्ट को सबसे बड़ा डिफेंस बताया जा रहा है।
- खामेनेई ने पहली बार एयर फोर्स कमांडर्स से मिलने की 37 साल पुरानी परंपरा तोड़ी (8 फरवरी को नहीं मिले), जिसे कुछ लोग सुरक्षा कारणों से जोड़ रहे हैं।
- अमेरिका ने इसे प्रोपगैंडा बताया, लेकिन ईरान इसे राष्ट्रीय गौरव का प्रदर्शन मान रहा है।
- अगर रैलियां बड़ी हुईं, तो यह ईरान की आंतरिक स्थिरता दिखाएगा; अगर छोटी रहीं, तो विरोध की ताकत पर सवाल उठेंगे।
यह खबर आज तक, Xinhua, Iran International, AP, और अन्य रिपोर्ट्स से संकलित है। ईरान-अमेरिका तनाव अभी भी उच्च स्तर पर है, और 11 फरवरी की रैलियां स्थिति को और स्पष्ट करेंगी।


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