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Dhobal has cornered Canada! Security deal before the trade... Have the Khalistanis been left breathless?

डोभाल ने कनाडा को सेट कर दिया! ट्रेड से पहले सिक्योरिटी डील… खालिस्तानियों की सांसें थम गईं?

भारत के ‘जेम्स बॉन्ड’ कहे जाने वाले नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (NSA) अजीत डोभाल ने कनाडा को सिक्योरिटी के मामले में एक बड़ा सेट कर दिया है! 6-7 फरवरी 2026 को ओटावा (Ottawa) की दो दिवसीय यात्रा के दौरान डोभाल ने कनाडाई अधिकारियों के साथ उच्च-स्तरीय बातचीत की, जिसके नतीजे में राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून प्रवर्तन पर एक साझा कार्य योजना (shared workplan) पर सहमति बनी। यह डील ट्रेड और अन्य आर्थिक सहयोग से पहले सिक्योरिटी को मजबूत करने का बड़ा कदम है, जो 2023 के खालिस्तानी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड के बाद बिगड़े रिश्तों को रीसेट करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

यात्रा और मीटिंग्स की डिटेल

  • डोभाल की यात्रा: 6-7 फरवरी 2026 को ओटावा में डोभाल ने कनाडा के Deputy Clerk और National Security and Intelligence Adviserनताली ड्रौइन (Nathalie Drouin) से मुलाकात की। साथ ही Public Safety Minister गैरी अनंदासंगरी (Gary Anandasangaree) से भी बातचीत हुई।
  • यह 2023 के बाद डोभाल की पहली द्विपक्षीय कनाडा यात्रा थी, और इसे MEA ने रेगुलर बाइलेटरल सिक्योरिटी डायलॉग का हिस्सा बताया।
  • डोभाल ने कनाडा को साफ संदेश दिया कि violent extremist groups (खासकर खालिस्तानी) को किसी भी रूप में सपोर्ट नहीं मिलना चाहिए।

मुख्य समझौते और डील के पॉइंट्स

दोनों पक्षों ने साझा कार्य योजना पर सहमति जताई, जो निम्नलिखित पर फोकस करती है:

  • सिक्योरिटी और लॉ एनफोर्समेंट लायजन ऑफिसर्स की तैनाती: दोनों देश एक-दूसरे में dedicated security and law-enforcement liaison officers पोस्ट करेंगे। इससे इंटेलिजेंस शेयरिंग तेज होगी, और समय पर जानकारी मिलेगी।
  • व्यावहारिक सहयोग: राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून प्रवर्तन, साइबरसिक्योरिटी पॉलिसी, साइबर थ्रेट्स पर जानकारी साझा करना, फ्रॉड, इमिग्रेशन एनफोर्समेंट, ट्रांसनेशनल ऑर्गनाइज्ड क्राइम, ड्रग ट्रैफिकिंग (खासकर फेंटेनिल precursors), और इर्रेगुलर माइग्रेशन पर फोकस।
  • संस्थागत मजबूती: एजेंसियों के बीच वर्किंग रिलेशनशिप को बढ़ावा, और प्रैक्टिकल कोलैबोरेशन पर प्राथमिकताएं तय।
  • खालिस्तानी ग्रुप्स पर सख्ती: डोभाल ने जोर दिया कि कनाडा में violent extremism को कोई सपोर्ट नहीं मिलना चाहिए, जो खालिस्तानी नेटवर्क्स के लिए बड़ा मैसेज है।

ट्रेड से पहले सिक्योरिटी डील क्यों महत्वपूर्ण?

  • 2023 में निज्जर हत्याकांड के बाद भारत-कनाडा संबंध तनावपूर्ण रहे – डिप्लोमेट्स निकाले गए, ट्रेड टॉक्स रुके।
  • अब सिक्योरिटी पर यह डील ट्रस्ट बिल्डिंग का काम कर रही है। MEA और कनाडाई readout में कहा गया कि यह Canadian PM Mark Carney (या Mike Carney) की मार्च 2026 में भारत यात्रा से पहले का कॉन्फिडेंस-बिल्डिंग स्टेप है।
  • ट्रेड पर: दोनों देश Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) पर बात कर रहे हैं। सिक्योरिटी क्लियर होने से ट्रेड, एनर्जी, टेक्नोलॉजी, और स्टूडेंट्स/इमिग्रेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग आसान होगा। भारत कनाडा का सबसे बड़ा इंटरनेशनल स्टूडेंट सोर्स है।
  • कुल मिलाकर, यह डील ट्रेड नेगोशिएशंस से पहले सिक्योरिटी फ्रंट को मजबूत करके रिश्तों को बैलेंस कर रही है – पहले ट्रस्ट, फिर बिजनेस!

प्रभाव और आगे क्या?

  • खालिस्तानी चैलेंज: कनाडा में खालिस्तानी ग्रुप्स पर सख्ती बढ़ेगी, और भारत को इंटेलिजेंस शेयरिंग से फायदा।
  • रिलेशनशिप रीसेट: 2023 के बाद पहली बड़ी NSA-लेवल एंगेजमेंट, जो ट्रूडो के बाद नए PM के साथ नए चैप्टर की शुरुआत है।
  • दोनों पक्षों ने progress को सराहा और practical collaboration पर जोर दिया।

यह कदम भारत की मल्टी-एलाइनमेंट पॉलिसी का हिस्सा है, जहां सिक्योरिटी पहले, ट्रेड बाद में। डोभाल की इस ‘सर्जिकल’ कूटनीति से कनाडा को सेट कर दिया गया है!

एक नज़र की खबर

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