अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में ही उनकी अपनी रिपब्लिकन पार्टी (GOP) में बड़ा दरार आ गया है। 8 जनवरी 2026 को अमेरिकी सीनेट में एक महत्वपूर्ण वोटिंग हुई, जहां ट्रंप के वेनेजुएला ऑपरेशन (निकोलस मादुरो को हटाने वाली सैन्य कार्रवाई) पर आगे कोई सैन्य एक्शन बिना कांग्रेस की मंजूरी के रोकने का प्रस्ताव आगे बढ़ा। इस प्रस्ताव को 52-47 वोटों से पास किया गया – और सबसे बड़ा झटका ये कि ट्रंप की ही पार्टी के 5 सीनेटरों ने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर उनके खिलाफ वोट दिया!
यह घटना ट्रंप के लिए “सर्वप्राइज रिब्यूक” (आश्चर्यजनक विरोध) मानी जा रही है, क्योंकि वेनेजुएला में उनकी “सफल” छापेमारी के महज कुछ दिनों बाद ही पार्टी के अंदर से विरोध उभरा है। ट्रंप ने इसे “ट्रेजरी” (गद्दारी) बताया और इन 5 सीनेटरों को “शर्मिंदा” करार दिया, साथ ही उन्हें अपनी सीटें गंवाने की धमकी दी।
कौन हैं वो 5 रिपब्लिकन सीनेटर?
ये 5 सीनेटर हैं जिन्होंने ट्रंप का साथ छोड़ दिया (या उनके खिलाफ वोट किया):
- Rand Paul (Kentucky) – लिबर्टेरियन विचारधारा वाले, हमेशा से वॉर पावर्स रेजोल्यूशन के समर्थक रहे हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को बिना कांग्रेस के अनुमति के युद्ध नहीं छेड़ना चाहिए।
- Lisa Murkowski (Alaska) – मॉडरेट रिपब्लिकन, पहले भी ट्रंप की विदेश नीति पर सवाल उठा चुकी हैं। उन्होंने कानूनी आधार की कमी बताई।
- Susan Collins (Maine) – स्विंग स्टेट से हैं, मॉडरेट, और चुनावी साल में सतर्क।
- Todd Young (Indiana) – सरप्राइज डिफेक्शन, उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में अमेरिकी सेना की जरूरत स्पष्ट नहीं है।
- Josh Hawley (Missouri) – ट्रंप समर्थक माने जाते थे, लेकिन इस बार सरप्राइज ब्रेक।
ये 5 सीनेटर पूरे डेमोक्रेटिक सीनेट के साथ मिलकर 52 वोट लेकर प्रस्ताव को आगे बढ़ाने में सफल रहे।


ट्रंप का गुस्सा और रिएक्शन
ट्रंप ने Truth Social पर तीखा हमला बोला: “Republicans should be ashamed of the Senators that just voted with Democrats in attempting to take away our Powers to fight and defend the United States of America!”
उन्होंने इन सीनेटरों को “weak” और “disloyal” कहा, और कहा कि वे अपनी सीटें गंवाएंगे। सीनेट मेजॉरिटी लीडर John Thune ने भी इन 5 पर लॉबिंग शुरू कर दी है।


क्यों हुआ ये विद्रोह?
- वेनेजुएला में ट्रंप की “सफलता” के बावजूद कई GOP सदस्यों को लगता है कि आगे सैन्य एक्शन (जैसे ऑयल कंट्रोल या स्टेबलाइजेशन) बिना कांग्रेस की मंजूरी के खतरनाक है।
- मिडटर्म इलेक्शन 2026 नजदीक हैं, और कई सीनेटर/कांग्रेसमैन अपनी सीट बचाने के लिए इंडिपेंडेंट स्टैंड ले रहे हैं।
- पार्टी में पहले से ही फ्रैक्चर दिख रहा है – जैसे हाउस में 17 रिपब्लिकन्स ने Obamacare सब्सिडी एक्सटेंड करने पर ट्रंप के खिलाफ वोट किया।
हिंदी मीडिया में क्या कहा जा रहा है?
TV9, Zee News और अन्य चैनलों ने इसे “ट्रंप की पार्टी ने छोड़ा साथ” के रूप में कवर किया है। ये दिखाता है कि वेनेजुएला जीत के बाद भी ट्रंप की पकड़ कमजोर पड़ रही है।
ये घटना 2026 मिडटर्म्स के लिए बड़ा संकेत है – क्या GOP में ट्रंप का “अनकंडीशनल” सपोर्ट खत्म हो रहा है? स्थिति तेजी से बदल रही है, ट्रंप अब इन 5 पर हमला तेज कर सकते हैं।

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