वाशिंगटन/सैन फ्रांसिस्को: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाउसिंग अफोर्डेबिलिटी क्राइसिस से निपटने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए 7 जनवरी 2026 को घोषणा की कि वे बड़े संस्थागत निवेशकों (large institutional investors) को सिंगल-फैमिली घर खरीदने पर बैन लगाने की दिशा में तुरंत कदम उठा रहे हैं। ट्रंप ने इसे कांग्रेस से कानून बनवाने की अपील भी की। इस ऐलान से रियल एस्टेट सेक्टर में हड़कंप मच गया, कई कंपनियों के शेयर 10-25% तक गिर गए। इसी बीच, iBuying कंपनी ओपनडोर टेक्नोलॉजीज के CEO काज नेजातियन ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया, लेकिन स्पष्ट किया कि उनकी कंपनी इस कैटेगरी में नहीं आती।
ट्रंप का प्रस्ताव: क्या कहा?
- घोषणा कब और कैसे? 7 जनवरी 2026 को ट्रंप ने Truth Social पर पोस्ट किया और प्रेस को बताया: “लोग घरों में रहते हैं, कॉर्पोरेशंस नहीं। मैं तुरंत कदम उठा रहा हूं कि बड़े संस्थागत निवेशक आगे सिंगल-फैमिली घर न खरीद सकें। कांग्रेस से इसे कानून बनाने की अपील करूंगा।”
- उद्देश्य: ट्रंप का दावा है कि वॉल स्ट्रीट फर्म्स और बड़े निवेशक (जैसे Blackstone, Invitation Homes आदि) घरों को बड़े पैमाने पर खरीदकर किराए पर देते हैं, जिससे घरों की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं और आम अमेरिकी के लिए घर खरीदना मुश्किल हो गया।
- असर: संस्थागत निवेशक अमेरिका में सिंगल-फैमिली घरों के करीब 20-25% मालिक हैं (कुछ इलाकों में ज्यादा)। यह बैन नए खरीद पर लागू होगा, मौजूदा संपत्तियों पर क्या होगा, अभी स्पष्ट नहीं।
- अन्य उपाय: ट्रंप ने हाउसिंग सप्लाई बढ़ाने और टैक्स क्रेडिट की भी बात की, लेकिन बैन मुख्य फोकस रहा।
ओपनडोर CEO की प्रतिक्रिया
- काज नेजातियन का बयान: ओपनडोर के CEO ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर ट्रंप के प्रस्ताव का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि परिवारों के लिए घर का मालिकाना हक महत्वपूर्ण है, संस्थागत स्वामित्व से ज्यादा।
- महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण: हालांकि, कंपनी के प्रेसिडेंट लुकास मैथेसन ने जल्द ही क्लैरिफिकेशन जारी किया कि ओपनडोर “संस्थागत खरीदार” नहीं है। कंपनी घर खरीदती तो है, लेकिन उन्हें जल्दी रिनोवेट कर व्यक्तिगत खरीदारों को बेच देती है, रेंट पर नहीं रखती।
- कंपनी पर असर: फिर भी, ऐलान के बाद ओपनडोर के शेयर करीब 10% गिर गए, क्योंकि निवेशक कन्फ्यूज हो गए कि क्या यह बैन iBuyers जैसे ओपनडोर, Zillow आदि पर भी लागू होगा। बाद में शेयर कुछ रिकवर हुए, जब CEO का समर्थन और क्लैरिफिकेशन सामने आया।
- रिटेल ट्रेडर्स की प्रतिक्रिया: StockTwits पर ओपनडोर को लेकर डिस्कशन बढ़ गया, कई रिटेल निवेशकों ने 60% तक अपसाइड की उम्मीद जताई, क्योंकि कंपनी खुद को अलग बता रही है।
मार्केट और सेक्टर पर असर
- शेयरों में गिरावट: Invitation Homes, American Homes 4 Rent जैसे बड़े संस्थागत लैंडलॉर्ड्स के शेयर 15-25% गिरे। Blackstone जैसी फर्म्स भी प्रभावित।
- विशेषज्ञों की राय: कई एनालिस्ट्स का कहना है कि यह बैन कीमतें कम करने में ज्यादा मदद नहीं करेगा, क्योंकि संस्थागत निवेशक कुल खरीद का छोटा हिस्सा हैं। सप्लाई बढ़ाना ज्यादा जरूरी। कुछ ने इसे मिडटर्म इलेक्शन से पहले पॉपुलिस्ट मूव बताया।
- दोनों पार्टियों का समर्थन: डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स दोनों ने पहले ऐसे बिल प्रस्तावित किए थे, इसलिए कांग्रेस से पास होने की संभावना।
वर्तमान स्थिति
- 8 जनवरी 2026 तक ट्रंप प्रशासन डिटेल्स पर काम कर रहा है। एग्जीक्यूटिव ऑर्डर या कानून का ड्राफ्ट जल्द आ सकता है।
- हाउसिंग मार्केट में अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन ओपनडोर जैसी कंपनियां खुद को सुरक्षित बता रही हैं।
- यह ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में हाउसिंग अफोर्डेबिलिटी पर पहला बड़ा कदम है, जो युवा और मिडिल क्लास वोटर्स को टारगेट करता लगता है।
यह प्रस्ताव अमेरिकी हाउसिंग मार्केट में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है, लेकिन डिटेल्स और इंप्लीमेंटेशन पर नजर रहेगी।


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