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The slogan 'Death to the Dictator' echoed through the streets of Iran: the fire of rebellion spread across 21 provinces, the largest protest since 2022

ईरान की गलियों में गूंजा ‘डेथ टू डिक्टेटर’ का नारा: 21 प्रांतों में फैली बगावत की आग, 2022 के बाद सबसे बड़ा प्रदर्शन

ईरान में नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही सड़कों पर विरोध की लहर तेज हो गई है। 28 दिसंबर 2025 से शुरू हुए प्रदर्शनों ने अब देश के 21 प्रांतों तक पैर पसार लिए हैं। प्रदर्शनकारी खुले तौर पर सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के खिलाफ ‘डेथ टू डिक्टेटर’ (तानाशाह मुर्दाबाद), ‘डेथ टू खामेनेई’ और ‘इस साल सैयद अली गिरेगा’ जैसे नारे लगा रहे हैं। यह 2022 के महिला, जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन (महसा अमीनी की मौत के बाद) के बाद ईरान का सबसे बड़ा जन-असंतोष है।

प्रदर्शन कैसे शुरू हुए और क्यों फैले?

  • शुरुआत: 28-29 दिसंबर को तेहरान के ग्रैंड बाजार में दुकानदारों ने हड़ताल की। कारण – रियाल की भयंकर गिरावट (1 डॉलर = 1.4 लाख रियाल तक) और महंगाई 42-48% तक पहुंचना।
  • फैलाव: जल्द ही इस्फहान, मशहद, शिराज, हमेदान, कुम, याज्द, केर्मनशाह, अराक, खोर्रमाबाद, फासा जैसे शहरों और विश्वविद्यालयों तक पहुंचा। छात्रों ने बड़े पैमाने पर हिस्सा लिया।
  • प्रांत: रिपोर्ट्स के अनुसार 17 से 21 प्रांत प्रभावित (तेहरान, फार्स, इस्फहान, खोरासन रजवी, खूजेस्तान आदि)।
  • नारे: आर्थिक शिकायतों से आगे बढ़कर राजनीतिक – ‘न गाजा, न लेबनान, मेरी जान ईरान के लिए’, ‘डरो मत, हम सब साथ हैं’, कुछ जगहों पर राजशाही समर्थक ‘जावीद शाह’ भी।

सरकार की प्रतिक्रिया

  • राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा – लोगों की आजीविका उनकी चिंता है, संवाद समिति बनेगी।
  • लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मांगें सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि सत्ता परिवर्तन की हैं।
  • सुरक्षा बलों ने आंसू गैस, गोलीबारी की; फासा में गवर्नर ऑफिस पर हमला, कुछ कैदी रिहा।
  • IRGC ने चेतावनी दी – विदेशी साजिश मानकर सख्त कार्रवाई होगी।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

  • अमेरिका: चिंता जताई, गिरफ्तारियों और हिंसा की निंदा।
  • कुछ विश्लेषक: ट्रंप की नई नीतियां और सैंक्शंस ने दबाव बढ़ाया, लेकिन मुख्य कारण घरेलू कुप्रबंधन।

यह प्रदर्शन ईरान की अर्थव्यवस्था की गहरी संकट (तेल राजस्व कम, टैक्स बढ़ोतरी, पानी-बिजली संकट) को उजागर कर रहे हैं। क्या यह 2022 जैसा बड़ा आंदोलन बनेगा? अभी स्थिति तनावपूर्ण है, इंटरनेट ब्लैकआउट और सेंसरशिप बढ़ी। अपडेट्स पर नजर रखें!

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