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'After 10 years of prayers, we had a son...' the mother broke down crying: In Indore, contaminated water claimed the life of a 6-month-old infant

’10 साल की मन्नतों के बाद हुआ था बेटा…’ कहकर बिलख पड़ी मां: इंदौर में दूषित पानी ने छीनी 6 माह के मासूम की जिंदगी

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर, जो लगातार सात बार देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित हुआ है, में दूषित पेयजल ने बड़ा कहर बरपाया है। भागीरथपुरा इलाके के मराठी मोहल्ला और नई बस्ती में नगर निगम की पाइपलाइन में सीवरेज का पानी मिलने से सैकड़ों लोग बीमार पड़ गए। इस संकट में सबसे दर्दनाक कहानी एक 5-6 महीने के मासूम बच्चे की मौत की है, जो 10 साल की लंबी मन्नतों और इलाज के बाद परिवार में आया था।

परिवार की खुशी मातम में बदली

  • बच्चे के पिता सुनील साहू और मां साधना साहू ने बताया कि शादी के कई साल बाद काफी मन्नतें मांगने और अस्पतालों के चक्कर काटने के बाद यह बेटा हुआ था।
  • परिवार में पहले से 10 साल की एक बेटी है। बेटे का जन्म सभी के लिए बड़ी खुशी की बात थी।
  • मां साधना का दूध कम आने की वजह से बाहर से फॉर्मूला मिल्क लाती थीं। दूध गाढ़ा होने पर उसे पचाने के लिए नल का पानी मिलाकर बच्चे को पिलाती थीं।
  • 26 दिसंबर के आसपास बच्चे को उल्टी-दस्त शुरू हुए। डॉक्टर से दवा ली, लेकिन 29 दिसंबर को बुखार बढ़ने से मासूम की मौत हो गई।
  • मौत के बाद मां साधना का रो-रोकर बुरा हाल है। वे बार-बार यही कह रही हैं – “10 साल की मन्नतों के बाद बेटा हुआ था… मेरा बच्चा चला गया। न जाने कितने और मासूम इस पानी से जाएंगे।”

बड़ा संकट: दूषित पानी से मौतें और बीमारी

  • कारण: पाइपलाइन में लीकेज से सीवरेज का पानी मिल गया। एक जगह तो शौचालय पाइपलाइन के ऊपर बना था।
  • प्रभाव: अब तक आधिकारिक रूप से 7 मौतें确认 हुईं (मेयर पुष्यमित्र भार्गव के अनुसार), लेकिन स्थानीय लोग 9-12 मौतों का दावा कर रहे हैं।
  • 149 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती, कुल 1100 से अधिक प्रभावित।
  • ज्यादातर मरीजों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत।
  • बच्चे की मौत के अलावा कई महिलाओं और बुजुर्गों की जान गई।

प्रशासन की कार्रवाई

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद इंदौर पहुंचे, अस्पतालों में मरीजों से मिले।
  • मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये मुआवजा और मरीजों का मुफ्त इलाज।
  • वैकल्पिक पानी की व्यवस्था: टैंकर से सप्लाई।
  • जांच जारी, नगर निगम पर लापरवाही के आरोप।
  • विपक्ष ने सरकार पर मौतों को छिपाने का इल्जाम लगाया।

यह घटना स्वच्छता के दावों पर सवाल उठा रही है। परिवारों का दर्द देखकर हर कोई स्तब्ध है। उम्मीद है कि जल्द हालात सामान्य होंगे और दोषियों पर कार्रवाई होगी। अगर आपके इलाके में भी पानी की समस्या है, तो सतर्क रहें!

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