नई दिल्ली, 11 फरवरी 2026: 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चल रही अफवाहों और अटकलों के बीच केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट लिखित जवाब देकर बड़ा खुलासा किया है। सरकार ने साफ कहा कि मौजूदा पेंशन नियमों में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है। यानी फिलहाल 69 लाख केंद्रीय पेंशनभोगियों की पेंशन व्यवस्था पहले की तरह ही चलेगी – कोई नया नियम या बदलाव नहीं आया है।
संसद में क्या हुआ?
9 फरवरी 2026 को बजट सत्र के दौरान लोकसभा में इस मुद्दे पर सवाल उठा। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लिखित जवाब में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी:
- पेंशन नियमों में कोई बदलाव नहीं: वित्त विधेयक 2025 या फाइनेंस एक्ट से पेंशन नियमों में कोई संशोधन नहीं हुआ है। फाइनेंस एक्ट का पार्ट-IV केवल मौजूदा पेंशन नियमों को वैधता (validate) देता है, उन्हें बदलता नहीं।
- 69 लाख पेंशनर्स पर असर: सरकार ने दोहराया कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें आने के बाद पेंशन रिविजन होगा, लेकिन अभी तक कोई नया नियम लागू नहीं हुआ। करीब 69 लाख पेंशनभोगी (और 50.14 लाख कर्मचारी) आयोग के दायरे में हैं, लेकिन पेंशन का रिविजन आयोग की रिपोर्ट और सरकार की मंजूरी के बाद सामान्य आदेशों से होगा।
- रिटायरमेंट डेट पर कोई भेदभाव नहीं: 31 दिसंबर 2025 या उससे पहले रिटायर हुए कर्मचारियों को भी 8वें आयोग के तहत पेंशन रिविजन मिलेगा – कोई एक्सक्लूजन नहीं।
बैकग्राउंड क्या है?
- 8वां वेतन आयोग नवंबर 2025 में नोटिफाई हो चुका है, टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) जारी हैं।
- आयोग को रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय है – मतलब 2027 तक रिपोर्ट आ सकती है।
- सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जा रही हैं, लेकिन लागू होने पर एरियर्स मिलेंगे।
- पहले कुछ यूनियनों ने चिंता जताई थी कि पेंशन रिविजन ToR से बाहर हो सकता है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया कि पेंशन भी आयोग के दायरे में है।
क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स और यूनियंस?
- कर्मचारी यूनियंस (जैसे AIDEF) ने राहत जताई है कि 69 लाख पेंशनर्स को बाहर नहीं किया गया।
- पेंशन रिविजन पिछले आयोगों की तरह होगा – फिटमेंट फैक्टर, DA/DR मर्जर आदि पर आयोग फैसला लेगा।
- अभी DA/DR बेसिक में मर्ज करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
निष्कर्ष
सरकार का ये लिखित जवाब 69 लाख पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत है – पेंशन नियमों में कोई तत्काल बदलाव नहीं हुआ। असली बदलाव 8वें आयोग की रिपोर्ट के बाद आएंगे, जो सैलरी, पेंशन और अलाउंस बढ़ा सकता है। कर्मचारी और पेंशनर्स को अब आयोग की वेबसाइट (8cpc.gov.in) पर फीडबैक देने का मौका है – अंतिम तारीख 16 मार्च 2026।


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